ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का समय देवी साधना, ग्रह दोष शांति और मनोकामना पूर्ति के लिए बेहद खास माना जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साल में आने वाली दोनों गुप्त नवरात्रियां आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाने का अवसर देती हैं।

15 जुलाई 2026 से शुरू हो रही गुप्त नवरात्रि को ज्योतिष शास्त्र में देवी साधना और मनोकामना पूर्ति के लिए बेहद शुभ माना गया है।

ज्योतिषियों के मुताबिक जिन लोगों की कुंडली में राहु, केतु, शनि या मंगल से जुड़े दोष हैं, उनके लिए गुप्त नवरात्रि के दिन विशेष फलदायी माने जाते हैं।

एस्ट्रोलॉजर्स का मानना है कि मां लक्ष्मी और मां दुर्गा की विशेष पूजा करने से धन बाधाएं कम होती हैं और रुके हुए कार्यों में गति मिल सकती है।

ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार इन 9 दिनों में किए गए संकल्प, साधना से करियर में आ रही रुकावटें कम हो जाती हैं

कौन-से उपाय माने जाते हैं शुभ? और नए अवसर के योग बनाते हैं।

रोज दुर्गा सप्तशती का पाठ, देवी मंत्रों का जाप, कन्या पूजन, जरूरतमंदों को दान, अखंड दीपक जलाना शुभ माना जाता हैं।

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मां कात्यायनी की पूजा से विवाह बाधाएं दूर होने और रिश्तों में सकारात्मकता आने की मान्यता है।

यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय मान्यताओं और पर आधारित है।