आजकल गाड़ियों पर मंत्र लिखना आम है. पर क्या ये भक्ति है या दिखावा? जानिए इस पर प्रेमानंद महाराज ने क्या दिया जवाब!

 प्रेमनंद महाराज ने कहा कि गाड़ियों पर मंत्र लिखने से आप उनका अपमान कर रहे हैं.

उनका स्पष्ट कहना है कि मंत्र दिखाने की चीज़ नहीं है. मंत्र की सही जगह बंपर या दीवार नहीं है बल्कि दिल में है.

सच्ची पूजा या तप वो है जो मन में चलती रहे और जिसे कोई न जाने. वरना जो दिखावे के लिए किया जाए वो आस्था नहीं होती.

महाराज जी ने आगे जप के नियम बताए की मंत्र हमेशा गुरु से लें, और पवित्र जगह पर बैठकर ही उसका जाप करना चाहिए.

प्रेमनंद महाराज ने बताया की मंत्र का असली लक्ष्य होता है आत्मा की शुद्धि करना. 

दिखावे के लिए मंत्रों का जाप करना या लिखना साधना नहीं, बल्कि शो-ऑफ करना है.