प्रेग्नेंसी खुशी का समय है। लेकिन इसी दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज चुपचाप बढ़ सकती है।
ये डायबिटीज सिर्फ गर्भावस्था में होती है। अक्सर इसके लक्षण नजर नहीं आते।
भारत में इसके मामले बढ़ रहे हैं। इसीलिए DIPSI की नई गाइडलाइंस लागू हुई हैं।
अब हर गर्भवती महिला की जांच जरूरी है। WHO 24–28 हफ्ते में जांच की सलाह देता है।
शुगर कंट्रोल न हो तो खतरा बढ़ता है। मां और बच्चे, दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
सही डाइट लें। रोज़ हल्की वॉक करें। ब्लड शुगर पर नजर रखें।
डिलीवरी के बाद भी सतर्क रहें। नियमित जांच जरूरी है।