सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए यह व्रत रखती हैं, चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत का पारायण होता है.
करवा चौथ पर चंद्र दर्शन से चंद्रमा की विशेष कृपा प्राप्त होती है, चंद्रमा मन का कारक ग्रह है इससे मानसिक शांति, प्रेम और सौहार्द बढ़ता है.
शुक्र वैवाहिक जीवन, प्रेम और सौंदर्य का प्रतिनिधि है, करवा चौथ का व्रत शुक्र को बल प्रदान करता है, जिससे वैवाहिक सुख में वृद्धि होती है.
व्रत की शुरुआत सूर्योदय से होती है, जिससे सूर्य देवता का आशीर्वाद भी मिलता है,सूर्य आत्मबल, आरोग्य और दीर्घायु का प्रतीक है.
मंगल ग्रह वैवाहिक जीवन, ऊर्जा और साहस का प्रतीक है, व्रत से मंगल दोष की शांति भी संभव है.
व्रत में नियम, संयम और श्रद्धा का पालन करें चंद्रमा और शुक्र से संबंधित वस्तुएं दान करें जैसे सफेद वस्त्र, चावल, मिठाई.