वेट लॉस की सच्चाई! फिटनेस कोच राज गणपथ बोले स्किनी होना बेकार है! जानिए असली फैट लॉस का साइंस

वजन घटाते समय सिर्फ फैट नहीं, मसल भी कम होती है।वजन बढ़ने पर फैट बढ़ता है, मसल नहीं

क्यों डेंजरस है वजन का बार-बार बदलना?  5 किलो कम किया, फिर 5 किलो बढ़ाया, पर असल में मसल कम होकर उसकी जगह फैट बढ़ गया होता है।

Muscle है असली पावर, जितनी ज्यादा मसल, उतनी ज्यादा फैट बर्निंग! कोच के मुताबिक मौजूदा मसल को नहीं गंवाना चाहिए।”

Skinny होना नुकसानदायक तेज़ डाइटिंग से क्या होता है?मसल लॉस, हड्डियों की कमजोरी, थकान, इम्युनिटी डाउन और हार्मोनल इम्बैलेंस।

बार-बार वजन घटाने-बढ़ाने से Basal Metabolic Rate गिरता है. इस तरह लॉन्ग-टर्म वेट मेंटेनेंस मुश्किल

स्किनी नहीं, Lean & Strong बनो! मॉडरेट कैलोरी डेफिसिट, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, हाई प्रोटीन डाइट, यही है असली फिटनेस का रास्ता!