जुलाई 2026 का पहला रवि प्रदोष व्रत 12 जुलाई रविवार को है, ये दिन भगवान शिव की पूजा के लिए शुभ माना जाता है।
रवि प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा और सुख-समृद्धि प्राप्त करने का शुभ अवसर माना जाता है।
ज्योतिष के अनुसार ये व्रत करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होने में सहायता मिल सकती है।
प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है।
ये व्रत मान-सम्मान, आत्मविश्वास और करियर में प्रगति की कामना के लिए भी किया जाता है।
शास्त्रों के अनुसार 12 जुलाई को शाम 7:36 बजे से रात 9:20 बजे तक का प्रदोष काल पूजा के लिए शुभ माना गया है।
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार रवि प्रदोष व्रत से जीवन में नकारात्मक प्रभाव कम होने की कामना की जाती है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा और विधि-विधान से की गई शिव आराधना शुभ फल देने वाली मानी जाती है।
मान्यता है कि रवि प्रदोष व्रत से बाधाएं दूर होती हैं और सुख-शांति का आशीर्वाद मिलता है।
ये Web Story धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है, केवल जानकारी के लिए है।