ज्येष्ठ अधिकमास की मासिक शिवरात्रि 13 जून 2026 को मनाई जाएगी, ज्योतिष शास्त्र में इसे बेहद फलदायी माना जाता है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जब ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति बनती है, तब गौरी योग बन रहा है।

ज्योतिषियों के अनुसार करीब 27 साल बाद बन रहे इस दुर्लभ गौरी योग को बेहद शुभ माना जा रहा है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गौरी योग सुख, सौभाग्य और समृद्धि का कारक माना जाता है।

इस दिन बातों से बचना जरूरी माना जाता है, ताकि व्रत और पूजा का पूर्ण फल मिल सके।

किसी से झगड़ा-बहस, गुस्सा, नकारात्मक सोच और अपमान से बचें।

गौरी योग में शिव-पार्वती की आराधना करने से आर्थिक बाधाएं दूर होने की संभावना बताई जाती है।

व्रत को अधूरा या बिना नियम के न करें, शिवलिंग पर गलत सामग्री न चढ़ाएं।

ज्योतिष शास्त्र में मासिक शिवरात्रि पर रात्रि जागरण और शिव आराधना को विशेष फलदायी माना गया है।

यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और धार्मिक विश्वासों पर आधारित है।