हिक्की को लोग प्यार की निशानी मानते हैं, लेकिन ये सेहत के लिए डेंजरस भी हो सकती है?
जब स्किन को जोर से सक् किया जाता है, तो छोटी ब्लड वेसल्स टूट जाती हैं। जिसकी वजह से लाल, नीला या बैंगनी निशान बन जाता है।
ज्यादातर मामलों में हिक्की सिर्फ एक निशान होती है, जो 1 से 2 हफ्तों में अपने आप ठीक हो जाती है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक,बहुत कम केसेस में गर्दन पर तेज दबाव से खून का थक्का बनने का जोखिम बढ़ सकता है।
कुछ मेडिकल केस रिपोर्ट्स में हिक्की और स्ट्रोक के बीच संबंध बताया गया है, लेकिन ऐसे मामले बेहद कम हैं।
अगर किसी को ओरल हर्पीज या इन्फेक्शन्स हो, तो लव बाइट के समय इन्फेक्शन्स फैलने के चांसेस बढ़ जाते है।
लेकिन एक्सपर्ट्स ने कुछ ख़ास लोगो को लेकर उन्हें चेतवानी दी है,
खून पतला करने वाली दवाएं लेने वाले, ब्लड डिसऑर्डर से अफेक्टेड लोगो को और
सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को प्रिकॉशन और एक्स्ट्रा केयर करने की सलाह दी है।
डॉक्टर्स का कहना है की नार्मल सिचुएशन्स में हिक्की जानलेवा नहीं होती लेकिन सावधानी जरुरी है।