हिंदू धर्म प्रतीकों का भंडार है. आइए, जानते ॐ का अर्थ हैं. ब्रह्मांड की वो ध्वनि जो सबको जोड़ती है.

कहते हैं जब सृष्टि की शुरुआत हुई, तो सबसे पहले ‘ॐ’ की गूंज सुनाई दी थी यानी ब्रह्म खुद ‘ॐ’ में बसता है.

‘ॐ’ के तीन अक्षर — अ, उ, म का मतलब क्या है? ये ब्रह्मा, विष्णु और महेश की शक्ति को दर्शाते हैं

अगर रोज़ ‘ॐ’ का जप किया जाए तो न सिर्फ मन शांत होता है, बल्कि ये धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष भी  प्रदान करता है.

ॐ सिर्फ हिंदू धर्म का नहीं! बल्कि जैन धर्म में इसे पंच परमेष्ठी से और सिख धर्म में ‘एक ओंकार सतनाम’ के रूप में इसे ईश्वर की एकता का प्रतीक माना गया है.

ॐ’ के उच्चारण से निकलने वाली वाइब्रेशन आपके शरीर और मन दोनों को डीप रिलैक्सेशन देती है.

ॐ का जाप हमेशा किसी भी मंत्र के पहले किया जाता है. रोज शांत जगह पर 21 बार ॐ जपने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है.