वाशिंगटन/दुबई, 15 अप्रैल 2026 — स्ट्रेट ऑफ हार्मुज के आसपास तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी नौसेना के एक डिस्ट्रॉयर ने मंगलवार को ईरान के चाबहार बंदरगाह से निकल रहे दो तेल टैंकरों को बीच समुद्र में रोककर वापस लौटने का आदेश दिया। यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित नौसैनिक ब्लॉकेड के पहले चरण का हिस्सा मानी जा रही है, जिसका मकसद तेहरान पर दबाव बढ़ाना और हार्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा पूरी तरह खुलवाना है। अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक युद्धपोत ने टैंकरों से रेडियो संपर्क किया और उन्हें तुरंत वापस मुड़ने को कहा, जिसके बाद दोनों जहाजों ने आदेश मान लिया।
चाबहार से निकले टैंकर, हार्मुज पर US की सख्ती
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का दावा है कि ब्लॉकेड लागू होने के बाद से कोई भी जहाज ईरानी बंदरगाहों से निकलकर इस क्षेत्र को पार नहीं कर पाया है। पहले 24 घंटों में कम से कम छह व्यापारिक जहाजों को भी वापस मुड़ना पड़ा, जिनमें से कुछ गल्फ ऑफ ओमान की ओर लौट गए। यह ब्लॉकेड खासतौर पर उन जहाजों पर लागू है जो ईरानी बंदरगाहों से आ-जा रहे हैं। अमेरिकी बलों ने साफ चेतावनी दी है कि बिना अनुमति कोई भी जहाज ब्लॉकेड क्षेत्र में प्रवेश या निकास करता है तो उसे रोका, मोड़ा या जब्त भी किया जा सकता है।
तेल बाजार, भारत और दुनिया की बढ़ी चिंता
स्ट्रेट ऑफ हार्मुज दुनिया के कुल तेल सप्लाई का करीब 20% हिस्सा ले जाने वाला सबसे अहम समुद्री चोकपॉइंट है। ऐसे में इस ब्लॉकेड ने वैश्विक तेल बाजारों में नई बेचैनी बढ़ा दी है। भारत समेत कई देशों ने इस रूट को खुला और सुरक्षित बनाए रखने पर जोर दिया है, क्योंकि खाड़ी देशों से आने वाले तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका का मकसद ईरान की तेल आय पर दबाव डालना है, ताकि वह युद्धविराम और शांति वार्ता में नरम रुख अपनाए। फिलहाल किसी हिंसक टकराव की खबर नहीं है, लेकिन क्षेत्र में 10,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक, एक दर्जन से अधिक युद्धपोत और कई विमान तैनात होने से माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है।
अभी दुनिया की नजर इस बात पर है कि ईरान इस कदम पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या अगले कुछ दिनों में फ्रांस, ब्रिटेन और अन्य देशों की पहल से कोई बहुपक्षीय समुद्री समाधान निकल पाता है। फिलहाल हार्मुज पर यह ब्लॉकेड सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि ग्लोबल ऑयल और शिपिंग मार्केट के लिए बड़ा अलर्ट बन चुका है।