वॉशिंगटन/तेहरान: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को मंगलवार (7 अप्रैल) रात 12 बजे तक की अंतिम समय सीमा (Deadline) दी है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान समझौते की मेज पर नहीं आता है, तो महज 4 घंटे के भीतर पूरे तेहरान को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया जाएगा।
वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर और IRGC ने इस धमकी को ‘अहंकारी बयानबाजी’ करार देते हुए पीछे हटने से साफ इनकार कर दिया है।
- ट्रंप की ‘विनाशकारी’ योजना: पुल, बिजली घर और इंफ्रास्ट्रक्चर निशाने पर
व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने अपनी सैन्य योजना का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि उनके पास एक ऐसी रणनीति है जिसके तहत ईरान के वजूद को चंद घंटों में मिटाया जा सकता है।
पुल और बिजली घर: ट्रंप ने कहा, “ईरान के हर पुल को मंगलवार रात तक ध्वस्त कर दिया जाएगा। हर बिजली संयंत्र (Power Plant) को जलाकर राख कर दिया जाएगा ताकि वे दोबारा कभी इस्तेमाल न हो सकें।”
4 घंटे का दावा: राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि अमेरिकी सेना इतनी सक्षम है कि वह तेहरान को पूरी तरह तबाह करने का मिशन महज 4 घंटे में पूरा कर सकती है।
- सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई का करारा जवाब
ट्रंप की धमकी के कुछ ही घंटों बाद ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने टेलीग्राम के जरिए दुनिया को संदेश दिया।
ईरान नहीं झुकेगा: खामेनेई ने कहा कि सैन्य हमले या सेना को कमजोर करने की कोई भी अमेरिकी कोशिश कामयाब नहीं होगी।
ऑपरेशन जारी रहेंगे: उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका की धमकियों या ‘हत्या और अपराध’ की राजनीति से ईरान के मिलिट्री ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
- IRGC का हमला: “अमेरिका अपनी नाकामियां छुपा रहा है”
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फिकारी ने ट्रंप के बयानों को ‘अभद्र’ बताया।
“ट्रंप की बयानबाजी उनकी सैन्य नाकामियों को जायज ठहराने का एक जरिया है। पश्चिम एशिया में अमेरिका अपनी हार की भरपाई इस तरह के बयानों से नहीं कर पाएगा।” – इब्राहिम जुल्फिकारी, प्रवक्ता, IRGC
जुल्फिकारी ने चेतावनी दी कि अमेरिका और इजरायल का हर अगला कदम उनकी हार की सूची में एक और अध्याय जोड़ देगा।
- आज रात 12 बजे: दुनिया की नजरें तेहरान पर
मंगलवार, 7 अप्रैल की रात 12 बजे की डेडलाइन जैसे-जैसे करीब आ रही है, पूरी दुनिया की धड़कनें तेज हो गई हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ट्रंप अपने वादे पर कायम रहते हैं, तो यह तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) की शुरुआत हो सकती है।
होर्मुज स्ट्रेट से लेकर तेहरान की सड़कों तक, हर जगह युद्ध की आहट सुनाई दे रही है।