अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर सख्त रुख दिखाया है। उन्होंने घोषणा की है कि अमेरिका ने ईरान की ओर एक और “अमेरिकन अर्माडा” यानी नौसैनिक बेड़ा भेज दिया है। हालांकि, इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी उम्मीद जताई कि तेहरान अब भी वॉशिंगटन के साथ समझौते का रास्ता अपना सकता है। इस बयान के बाद मध्य पूर्व में पहले से चल रहे तनाव में और इजाफा होता दिख रहा है।
आयोवा के क्लाइव शहर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा, “वैसे, अभी एक और खूबसूरत अर्माडा ईरान की तरफ बड़े आराम से तैर रहा है। अब देखते हैं क्या होता है। मुझे उम्मीद है कि वे समझौता करेंगे।” ट्रंप ने बातचीत की संभावना जताई, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि अमेरिका ईरान पर दबाव बनाए रखेगा।
अपने भाषण में ट्रंप ने याद दिलाया कि अमेरिका पहले ही ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले कर चुका है और अब एक और नौसैनिक समूह को इलाके में तैनात किया जा रहा है। उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि ईरान को “पहली बार ही समझौता कर लेना चाहिए था।” हाल के दिनों में यूएसएस अब्राहम लिंकन जैसे विमानवाहक पोतों की तैनाती को भी ट्रंप ने “अर्माडा” करार दिया है।
दूसरी तरफ, ईरान ने इन तैनातियों पर कड़ी नाराजगी जताई है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो इसे “पूर्ण युद्ध” माना जाएगा और उसका जवाब भी उसी स्तर का होगा। ईरान के सहयोगी माने जाने वाले हिजबुल्लाह और हूती विद्रोहियों ने भी अमेरिका को चेतावनी जारी की है।
कुल मिलाकर, इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ने से टकराव की आशंका और गहरी होती नजर आ रही है, जबकि ट्रंप प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ी तो आगे भी कदम उठाए जाएंगे।