वॉशिंगटन डीसी में अमेरिकी सरकार एक बार फिर शटडाउन की ओर बढ़ रही है. बीते दिन मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी सीनेट में अस्थायी फंडिंग बिल पारित कराने में नाकाम रही है, जिसके बाद अब सरकार पर कामकाज ठप पड़ने का खतरा मंडरा रहा है.
दरअसल यह बिल सरकार को 21 नवंबर तक फंड उपलब्ध कराने के लिए पेश किया गया था, लेकिन देर रात हुई वोटिंग में इसे जरूरी 60 मत नहीं मिल पाए. नतीजा यह हुआ कि प्रस्ताव 55-45 के अंतर से गिर गया.
वाइट हाउस ने शुरू किया ‘शटडाउन काउंटडाउन’
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वाइट हाउस की आधिकारिक वेबसाइट पर शटडाउन का काउंटडाउन क्लॉक लगा दिया गया है. दिलचस्प बात यह है कि इसे “डेमोक्रेट शटडाउन” करार देते हुए लिखा गया कि अमेरिकी जनता विपक्ष के रुख से सहमत नहीं है.
वहीं, वाइट हाउस प्रबंधन एवं बजट कार्यालय ने भी ज्ञापन जारी कर पुष्टि की है कि अगर मध्यरात्रि तक समाधान नहीं निकला, तो सरकारी कामकाज आधिकारिक रूप से बंद हो जाएगी. इस ज्ञापन पर निदेशक रसेल वॉट के हस्ताक्षर भी हैं.
आखिर शटडाउन होता क्या है?
अमेरिकी व्यवस्था के तहत हर साल संसद से बजट या फंडिंग बिल पास कराना अनिवार्य होता है. अगर यह बिल पारित नहीं हो पाता, तो सरकारी दफ्तरों के पास वेतन और अन्य खर्च चलाने के लिए पैसे नहीं रहते. ऐसे में कई ‘गैर-जरूरी’ सेवाएं और कामकाज रोक दिए जाते हैं. यही स्थिति “शटडाउन” कहलाती है.
पिछले दो दशकों में यह अमेरिका का पांचवां बड़ा शटडाउन होगा. विश्लेषकों का मानना है कि इसका असर व्यापक होगा क्योंकि कई अहम कार्यालय और सेवाएं बंद हो सकती हैं.
जिम्मेदारी किसकी?
फंडिंग बिल के गिरने के बाद रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स एक-दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं. रिपब्लिकन जहां इसे विपक्ष की जिद बता रहे हैं, वहीं डेमोक्रेट्स का कहना है कि सत्ता पक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते समझौता करने से इनकार कर दिया.