यूपी कोडीन कफ सिरप फार्मा घोटाला
उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच ने हर किसी को चौंका दिया है। ईडी के मुताबिक, राज्य में अब तक का सबसे बड़ा कोडीन-बेस्ड कफ सिरप डायवर्जन और तस्करी रैकेट चल रहा था, जिसमें 700 से ज्यादा फर्जी कंपनियों के जरिए अरबों रुपये का खेल किया गया। शुरुआती अनुमान में इस पूरे घोटाले की रकम 1,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा बताई जा रही है। ये पैसा नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और मनी लॉन्ड्रिंग से कमाया गया।
जांच में सामने आया कि करीब 220 लोगों के नाम पर ये शेल कंपनियां बनाई गई थीं, जो सिर्फ कागजों में मौजूद थीं। इन फर्मों का न कोई दफ्तर था और न ही कोई असली कारोबार। ईडी ने अपनी ईसीआईआर में 67 लोगों को आरोपी बनाया है। इन्हीं फर्जी कंपनियों के जरिए कफ सिरप की अवैध बिक्री, सप्लाई और तस्करी की जा रही थी, जिसका नेटवर्क भारत से निकलकर बांग्लादेश, नेपाल और दुबई तक फैला हुआ था।
छापेमारी में करोड़ों की नकदी और लग्जरी सामान बरामद
ईडी ने 11 दिसंबर को उत्तर प्रदेश, गुजरात और झारखंड में एक साथ 25 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर, सहारनपुर, गाजीपुर, अहमदाबाद और रांची जैसे शहर शामिल थे। इन छापों के दौरान एजेंसी को करोड़ों रुपये की नकदी, महंगे लग्जरी आइटम और कई अहम दस्तावेज हाथ लगे। सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल दुबई फरार हो चुका है, जबकि उसके पिता भोला प्रसाद जायसवाल को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस केस में अलोक सिंह और अमित तट्टा पहले से जेल में हैं और इनके बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन पाए गए हैं।
ईडी की जांच की जड़ें पिछले दो महीनों में दर्ज 30 से ज्यादा एफआईआर से जुड़ी हैं, जो कफ सिरप के दुरुपयोग और अवैध कारोबार से संबंधित हैं। एजेंसी का दावा है कि इन फर्जी फर्मों के जरिए करीब 450 करोड़ रुपये का फर्जी टर्नओवर दिखाया गया, जिसका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ फार्मा कंपनियों के अधिकारी इस पूरे खेल से वाकिफ थे, लेकिन उन्होंने जानबूझकर आंखें मूंदे रखीं। रांची और धनबाद की कुछ कंपनियों के लेन-देन भी अब जांच के दायरे में हैं।
ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, यह उत्तर प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा और संगठित फार्मा घोटाला है। इस मामले में न सिर्फ तस्करी का नेटवर्क उजागर हुआ है, बल्कि इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी सामने आ रहे हैं। यह घोटाला सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं है, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा साबित हुआ है, क्योंकि ऐसे कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौतों के मामले भी जुड़े बताए जा रहे हैं। फिलहाल जांच जारी है और ईडी को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होंगे।
HIV/AIDS के इलाज की दुनिया में एक बड़ी हलचल मची है। Wuhan University of Science…
मेरठ के लावड़ कस्बे से एक ऐसी खबर आई है जिसने 'भाई-भाई' के पवित्र रिश्ते…
रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ : भारत–पाकिस्तान का मुकाबला कभी सिर्फ एक…
बांग्लादेश के 2026 आम चुनाव ने देश की राजनीति को पूरी तरह रीसेट कर दिया…
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है।…
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के हाथों मिली करारी हार ने पाकिस्तान क्रिकेट में…