शुक्रवार की सुबह, यूक्रेन ने रूस को सबसे बड़ा ‘इकोनॉमिक शॉक’ दिया. काला सागर पर रूस के सबसे खास ऑयल एक्सपोर्ट टर्मिनल नोवोरोस्सिय्स्क (Novorossiysk) पोर्ट पर एक जबरदस्त ड्रोन हमला हुआ, जिसने केवल तबाही ही नहीं मचाई, बल्कि पूरी दुनिया के एनर्जी मार्केट में हलचल पैदा कर दी है.
इस बड़े और प्लान्ड अटैक के बाद, रूस के टॉप ऑयल एक्सपोर्ट टर्मिनलों में से एक पर तेल की डिलीवरी और लोडिंग पूरी तरह से रोक दी गई है.
ग्लोबल मार्केट में हुआ ‘प्राइस जम्प’
यह झटका इतना बड़ा था कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार तुरंत गरमा गया. आयल सप्लाई में बड़ी रुकावट की आशंका से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में 2% से ज़्यादा का उछाल आया है. रूस की सरकारी पाइपलाइन कंपनी ‘ट्रांसनेफ्ट’ ने नोवोरोस्सिय्स्क को कच्चे तेल की सप्लाई तुरंत सस्पेंड कर दी. ये टर्मिनल रूस के साथ-साथ कजाकिस्तान के लिए भी तेल एक्सपोर्ट का एक सुपर-इंपॉर्टेंट गेटवे है, इसलिए इसकी रुकावट का सीधा असर पूरी दुनिया की सप्लाई चेन पर पड़ेगा.
अटैक की पूरी कहानी: कहाँ-कहाँ हुआ डैमेज?
ये हमला हाल के दिनों में हुआ सबसे बड़ा डैमेजिंग अटैक माना जा रहा है, जिसके बाद लोकल अथॉरिटीज को इमरजेंसी घोषित करनी पड़ी. हमले की वजह से शेषखारिस आयल कॉम्प्लेक्स की इमारतें बहुत ज़्यादा टूट-फूट गईं, और वहाँ एक तेल गोदाम में आग भी लग गई.
बंदरगाह पर खड़े एक आम नागरिक जहाज को भी नुकसान पहुंचा. इस दौरान जहाज के तीन क्रू मेंबर्स घायल हुए, जिन्हें फ़ौरन हॉस्पिटल ले जाया गया.
ड्रोन के टुकड़ों ने कई अपार्टमेंट्स और घरों को भी हिट किया, जिससे चार अपार्टमेंट की खिड़कियां टूट गईं. इसके अलावा, सरातोव में भी एक तेल रिफाइनरी पर हमले की खबर है. यूक्रेनी मीडिया इस पूरे ऑपरेशन को ‘मिलिट्री इंटेलिजेंस ऑपरेशन’ बता रहा है, जिसका क्लियर गोल रूस की युद्ध इकोनॉमी को सीधा टारगेट करना है.