वर्ल्ड

ईरानी हमलों के बाद UAE ने दिखाई ताकत, नेताओं ने कहा- देश पहले से ज्यादा एकजुट होकर उभरा

अबू धाबी, 11 अप्रैल 2026: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने हालिया क्षेत्रीय संकट के बाद अपनी मजबूती और एकजुटता का बड़ा संदेश दिया है। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने कहा कि देश ने इस मुश्किल दौर को अपनी मजबूत संस्थाओं, सुरक्षा तंत्र और समाज की एकता के दम पर सफलतापूर्वक पार कर लिया। नेताओं ने कहा कि संकट के बाद UAE पहले से भी ज्यादा मजबूत, संगठित और वफादार बनकर उभरा है।

हाल ही में हुई एक अहम बैठक में दोनों शीर्ष नेताओं के साथ उपराष्ट्रपति शेख मंसूर बिन जायद अल नाहयान भी मौजूद रहे। बैठक में सैन्य और नागरिक संस्थाओं, सुरक्षा एजेंसियों, आपातकालीन टीमों और आम नागरिकों की भूमिका की खुलकर सराहना की गई। नेताओं ने कहा कि नागरिक हों या विदेशी निवासी, युवा हों या बुजुर्ग, सरकारी क्षेत्र हो या आर्थिक सेक्टर—सभी एक झंडे के नीचे मजबूती से खड़े रहे।

एक झंडे के नीचे एकजुट दिखा पूरा UAE

शेख मोहम्मद बिन राशिद ने अपने संदेश में कहा कि UAE संकट में एकजुट होकर दाखिल हुआ और इससे “और ज्यादा एकजुट, सामंजस्यपूर्ण और वफादार” होकर बाहर निकला। उन्होंने नागरिकों और निवासियों से अपने घरों, संस्थानों और इमारतों पर UAE का झंडा फहराने की अपील भी की, ताकि राष्ट्रीय गर्व और एकता का संदेश और मजबूत हो। सोशल मीडिया पर इसके बाद झंडा फहराने और एकता दिखाने वाले पोस्ट तेजी से वायरल होने लगे।

नेताओं ने यह भी साफ किया कि हालिया क्षेत्रीय तनाव और ईरानी हमलों के बाद भी UAE ने अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और आर्थिक स्थिरता को मजबूती से सुरक्षित रखा। सशस्त्र बलों और सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता की खास तौर पर तारीफ की गई। उनका कहना था कि UAE किसी भी संघर्ष का पक्षकार नहीं है, लेकिन अपनी रक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है।

विशेषज्ञों का मानना है कि UAE की मजबूत संस्थागत व्यवस्था, विविध समाज की सामंजस्यपूर्ण एकता और दूरदर्शी नेतृत्व ने देश को इस कठिन दौर से और मजबूत होकर निकलने में मदद की। नेतृत्व ने भविष्य में भी सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया।

news desk

Recent Posts

“आप भी आइए अयोध्या…” अखिलेश की चुनौती पर सीएम योगी का पलटवार, बलरामपुर में दी सीधी चुनौती

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर अयोध्या का रण सबसे बड़ा केंद्र बनता…

5 hours ago

लखनऊ का सिद्धपीठ माँ चंद्रिका देवी मंदिर बंद! मंदिर में जलभराव से प्रशासन का बड़ा फैसला, जानिए कब खुलेंगे कपाट

नवरात्रि और अमावस्या के पावन अवसर पर जहाँ माँ चंद्रिका देवी के दरबार में लाखों…

6 hours ago

घाघरा-चोली से लेकर मोनोक्रोम एथनिक तक, जानिए क्या है इस बार ट्रेंड में

नवरात्रि अब सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि फैशन, म्यूजिक और लाइफस्टाइल का ऐसा रंगीन…

7 hours ago

पहली बार भारत आ रही जिम्बाब्वे की महिला टीम, स्मृति मंधाना संभालेंगी टीम इंडिया की कमान!

भारतीय महिला क्रिकेट टीम अपने आगामी और बेहद व्यस्त इंटरनेशनल सीजन की शुरुआत एक ऐतिहासिक…

8 hours ago

रुपये को गिरने से बचाने के लिए RBI का ‘मास्टरस्ट्रोक’, विदेशी मुद्रा बाजार के बदले नियम!

कमजोर होते रुपये को सहारा देने और विदेशी मुद्रा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के…

9 hours ago

स्मार्टफोन की लत बनी मानसिक बीमारी: 13 साल के बच्चे का 12 घंटे गेम खेलना डराने वाला सच, जानिए कैसे करें बचाव

आज के डिजिटल दौर में बच्चों से लेकर बड़ों तक के हाथ में स्मार्टफोन आम…

10 hours ago