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ट्रंप की ‘गाली’ पर बवाल: क्या 25वें संशोधन से छीनी जाएगी सत्ता? ईरान को दी गई ‘पावर प्लांट डे’ की धमकी ने बढ़ाई हलचल

वाशिंगटन। दुनिया अभी ईस्टर के शांतिपूर्ण संदेशों में डूबी ही थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ‘विस्फोटक’ और अपमानजनक पोस्ट ने वैश्विक राजनीति में भूचाल ला दिया।

ईरान को दी गई सीधी सैन्य धमकी में ट्रंप ने जिस तरह की अश्लील और अनियंत्रित भाषा का इस्तेमाल किया, उसने अब व्हाइट हाउस में उनकी कुर्सी पर ही संकट के बादल मंडरा दिए हैं। अमेरिकी कांग्रेस में अब ट्रंप को पद से हटाने के लिए ’25वें संशोधन की धारा 4′ (25th Amendment, Section 4) लागू करने की मांग तेज हो गई है।

क्या है ’25वां संशोधन’ और क्यों हो रही है मांग?

अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन (धारा 4) तब लागू किया जाता है जब राष्ट्रपति अपने पद के कर्तव्यों और शक्तियों का निर्वहन करने में ‘अक्षम’ (Incapacitated) पाए जाते हैं।

प्रक्रिया: उपराष्ट्रपति और कैबिनेट का बहुमत यदि लिखित रूप में यह दे दे कि राष्ट्रपति मानसिक या शारीरिक रूप से देश चलाने के योग्य नहीं हैं, तो शक्तियां छीन ली जाती हैं।

ताजा मांग: ट्रंप के इस ‘गाली भरे’ पोस्ट के बाद सांसदों का तर्क है कि राष्ट्रपति की ‘सनक’ अमेरिका को तीसरे विश्व युद्ध की ओर धकेल सकती है ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईस्टर के मौके पर लिखा:”मंगलवार ईरान में पावर प्लांट डे और ब्रिज डे एक साथ होगा… जैसा पहले कभी नहीं देखा गया!!! हॉर्मुज खोल दो, पागल [गाली], वरना तुम नर्क में रहोगे। बस देखते रहो!”

इस पोस्ट ने न केवल कूटनीतिक मर्यादाओं को तोड़ा है, बल्कि ईरान के साथ पहले से जारी तनाव को ‘पॉइंट ऑफ नो रिटर्न’ पर पहुँचा दिया है।

वैश्विक प्रतिक्रिया: दुनिया हैरान, ईरान शांत?

ट्रंप की इस भाषा पर यूरोपीय देशों ने गहरी चिंता जताई है। जानकारों का मानना है कि ईस्टर जैसे पवित्र मौके पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल ट्रंप की छवि को ‘अस्थिर’ नेता के रूप में पेश कर रहा है। वहीं, तेहरान ने इसे ‘मनोवैज्ञानिक युद्ध’ करार दिया है, लेकिन अमेरिकी संसद के भीतर उठ रही 25वें संशोधन की मांग ने इस मामले को घरेलू राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बना दिया है।

news desk

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