ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei को लेकर अब Donald Trump के तेवर बदले हुए नजर आ रहे हैं। अब तक ट्रंप उनका विरोध करते हुए कड़ा रुख अपनाते रहे, लेकिन हाल के घटनाक्रम में उनके बयान नरम दिखाई दे रहे हैं।
दरअसल, अमेरिका को ईरान के साथ जारी संघर्ष में वह सफलता नहीं मिल पाई है, जिसकी उम्मीद के साथ उसने कदम बढ़ाया था। इसके उलट, इस टकराव में अमेरिका को नुकसान भी उठाना पड़ा है। ऐसे में अब वॉशिंगटन की प्राथमिकता किसी तरह तनाव कम करना और बातचीत के जरिए समाधान निकालना बन गई है।
माना जा रहा है कि ट्रंप चाहते हैं कि Mojtaba Khamenei इस पूरे मामले में सक्रिय भूमिका निभाएं और दोनों देशों के बीच संवाद बहाल करने में मदद करें। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान में सर्वोच्च नेतृत्व का प्रभाव सेना और नीतिगत फैसलों पर निर्णायक होता है, इसलिए उनकी पहल से बातचीत का रास्ता आसान हो सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों में आया अचानक बदलाव वैश्विक राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। कल तक ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई पर निजी हमले करने वाले ट्रंप ने अब उन्हें “समझदार और तर्कसंगत” बताया है। एक टीवी इंटरव्यू में ट्रंप ने यहाँ तक कह दिया कि मुज्तबा अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की तुलना में कम कट्टर हैं।
हालांकि, यह वही ट्रंप हैं जिन्होंने मुज्तबा की नियुक्ति पर उनकी तुलना एक ‘बदमाश’ से की थी और सीआईए के हवाले से उन पर आपत्तिजनक व्यक्तिगत टिप्पणियां भी की थीं।
मंगलवार (21 अप्रैल) को अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित दूसरे दौर की बैठक रद्द होने से वाशिंगटन में हलचल तेज है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का मुज्तबा की तारीफ करना एक सोची-समझी रणनीति है।
शांति वार्ता रद्द होने के तुरंत बाद IRGC ने अमेरिका को खुली धमकी दी है। एक बयान में कहा गया है कि ईरान की सेना पूरी तरह अलर्ट पर है और किसी भी अमेरिकी हिमाकत का जवाब देने के लिए उनकी “उंगली ट्रिगर पर है”।
राजधानी दिल्ली में ठंड की आहट के साथ ही प्रदूषण का खतरा एक बार फिर…
युवा महिला क्रिकेटरों के सबसे बड़े महाकुंभ का बिगुल बज चुका है। आईसीसी (ICC) ने…
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से चर्चा बटोरने वाले 15 वर्षीय वैभव…
आंध्र प्रदेश के शहरी निकाय चुनाव में चुनावी मैदान जंग का मैदान बन चुका है।…
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास और…
शेयर बाजार की घंटी बजते ही 21 अक्टूबर की सुबह एक ऐसा तूफान आया जिसने…