Trending News

Trump vs Mujtaba: ‘बदमाश’ से ‘समझदार’ तक का सफर! आखिर मुज्तबा खामेनेई की तारीफ में क्यों कसीदे पढ़ रहे हैं ट्रंप?

ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei को लेकर अब Donald Trump के तेवर बदले हुए नजर आ रहे हैं। अब तक ट्रंप उनका विरोध करते हुए कड़ा रुख अपनाते रहे, लेकिन हाल के घटनाक्रम में उनके बयान नरम दिखाई दे रहे हैं।

दरअसल, अमेरिका को ईरान के साथ जारी संघर्ष में वह सफलता नहीं मिल पाई है, जिसकी उम्मीद के साथ उसने कदम बढ़ाया था। इसके उलट, इस टकराव में अमेरिका को नुकसान भी उठाना पड़ा है। ऐसे में अब वॉशिंगटन की प्राथमिकता किसी तरह तनाव कम करना और बातचीत के जरिए समाधान निकालना बन गई है।

माना जा रहा है कि ट्रंप चाहते हैं कि Mojtaba Khamenei इस पूरे मामले में सक्रिय भूमिका निभाएं और दोनों देशों के बीच संवाद बहाल करने में मदद करें। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान में सर्वोच्च नेतृत्व का प्रभाव सेना और नीतिगत फैसलों पर निर्णायक होता है, इसलिए उनकी पहल से बातचीत का रास्ता आसान हो सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों में आया अचानक बदलाव वैश्विक राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। कल तक ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई पर निजी हमले करने वाले ट्रंप ने अब उन्हें “समझदार और तर्कसंगत” बताया है। एक टीवी इंटरव्यू में ट्रंप ने यहाँ तक कह दिया कि मुज्तबा अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की तुलना में कम कट्टर हैं।

हालांकि, यह वही ट्रंप हैं जिन्होंने मुज्तबा की नियुक्ति पर उनकी तुलना एक ‘बदमाश’ से की थी और सीआईए के हवाले से उन पर आपत्तिजनक व्यक्तिगत टिप्पणियां भी की थीं।

ईरान में बढ़ता IRGC का दबदबा: क्यों घबरा रहा है व्हाइट हाउस?

मंगलवार (21 अप्रैल) को अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित दूसरे दौर की बैठक रद्द होने से वाशिंगटन में हलचल तेज है।

  • हाईजैक हुई सरकार: सीएनएन (CNN) की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की सत्ता पर इस वक्त इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) का पूर्ण नियंत्रण है।
  • अहमद वाहिदी का राज: जनरल अहमद वाहिदी ही इस समय ईरान के सभी बड़े फैसले ले रहे हैं। कूटनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि आईआरजीसी की दखलअंदाजी के कारण ही बातचीत की मेज से ईरान पीछे हट गया है।

तारीफ के पीछे का ‘ट्रंप कार्ड’

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का मुज्तबा की तारीफ करना एक सोची-समझी रणनीति है।

  1. सीधा हस्तक्षेप: ट्रंप जानते हैं कि ईरान की सेना (IRGC) के अड़ियल रुख को केवल सुप्रीम लीडर ही बदल सकते हैं। मुज्तबा की तारीफ कर ट्रंप उन्हें सीधे बातचीत के लिए उकसा रहे हैं।
  2. बदली परिस्थितियां: जब मुज्तबा पद पर आए थे, तब अमेरिका हावी था। लेकिन अब 40 शीर्ष कमांडरों की मौत के बावजूद ईरान ने खुद को संभाला है और समझौते की मेज पर अब ईरान का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।

आईआरजीसी का पलटवार: “अंगुली ट्रिगर पर है”

शांति वार्ता रद्द होने के तुरंत बाद IRGC ने अमेरिका को खुली धमकी दी है। एक बयान में कहा गया है कि ईरान की सेना पूरी तरह अलर्ट पर है और किसी भी अमेरिकी हिमाकत का जवाब देने के लिए उनकी “उंगली ट्रिगर पर है”।

news desk

Recent Posts

दिल्ली में जहरीली हवा का शिकंजा: ‘खराब’ श्रेणी में पहुंचा AQI, GRAP-1 की पाबंदियां लागू

राजधानी दिल्ली में ठंड की आहट के साथ ही प्रदूषण का खतरा एक बार फिर…

28 minutes ago

अंडर-19 महिला टी20 वर्ल्ड कप का शेड्यूल जारी: बांग्लादेश और नेपाल करेंगे मेजबानी, 22 जनवरी को वेस्टइंडीज से भिड़ेगा भारत

युवा महिला क्रिकेटरों के सबसे बड़े महाकुंभ का बिगुल बज चुका है। आईसीसी (ICC) ने…

1 hour ago

Vaibhav Sooryavanshi: न्यूजीलैंड के खिलाफ भी बेंच पर बैठेंगे वैभव सूर्यवंशी? श्रेयस अय्यर के बयान से बढ़ी निराशा

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से चर्चा बटोरने वाले 15 वर्षीय वैभव…

2 hours ago

आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव में धांधली का आरोप: सुप्रीम कोर्ट सख्त, 25 अक्टूबर तक उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट पर लगाई रोक

आंध्र प्रदेश के शहरी निकाय चुनाव में चुनावी मैदान जंग का मैदान बन चुका है।…

2 hours ago

सौरभ दास-आशुतोष रांका पर दिल्ली हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी, पूछा- आप जेन-जी नहीं हैं

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास और…

2 hours ago

Reliance Jio Platforms IPO: खुलते ही मची लूट, 1 घंटे में 83% सब्सक्राइब; QIB ने बनाया रिकॉर्ड

शेयर बाजार की घंटी बजते ही 21 अक्टूबर की सुबह एक ऐसा तूफान आया जिसने…

3 hours ago