कूटनीतिक दौरों में अक्सर नेता गंभीर चेहरे और साफ-सुथरे शब्दों में बयान देना पसंद करते हैं… लेकिन डोनाल्ड ट्रम्प का मामला अलग ही है. मिस्र के शर्म अल शेख में गाज़ा शिखर सम्मेलन चल रहा था, मंच पर करीब 30 वैश्विक नेता मौजूद थे, और माहौल था विश्व युद्ध, शांति समझौता और मध्य पूर्व की स्थिरता पर गहन चर्चा का… तभी ट्रम्प ने माइक थामा और पूरा माहौल कुछ सेकंड में बदल दिया.
“मैं यह कह कर अपना राजनीतिक करियर दांव पर लगा रहा हूं…” ट्रम्प ने भाषण के बीच अचानक कहा: “अगर आप अमेरिका में किसी महिला को ‘सुंदर’ कह दें तो आपका राजनीतिक करियर खत्म – लेकिन मैं रिस्क लूंगा… जॉर्जिया मेलोनी एक खूबसूरत युवा महिला हैं!”
पीछे खड़ी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी हँस पड़ीं, लेकिन मंच पर बैठे बाकी नेताओं के चेहरों पर कूटनीतिक मुस्कान और हल्की असहजता दोनों दिखी.
79 वर्षीय ट्रम्प यहीं नहीं रुके — उन्होंने दोबारा पूछा:
“आपको बुरा तो नहीं लगा ना? क्योंकि आप सच में सुंदर हैं!”
इसके बाद उन्होंने मेलोनी को “शानदार नेता”, “बहुत सफल राजनीतिज्ञ” बताते हुए कई बार धन्यवाद दिया.
यह पहली बार नहीं…
ट्रम्प का महिलाओं पर टिप्पणी करने का इतिहास लंबा है. 2017 में एक आयरिश महिला पत्रकार को “तुम कितनी सुंदर हो” कहते हुए बीच में टोकना और कई अन्य बयानों ने उन्हें ‘गंभीर नेता’ से ज्यादा ‘अनस्क्रिप्टेड शोमैन’ के रूप में मशहूर किया.
असल एजेंडा क्या था?
गाज़ा शिखर सम्मेलन में ट्रम्प ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, तुर्की राष्ट्रपति एर्दोगान, क़तर के अमीर शेख तमीम और अन्य नेताओं के साथ मिलकर “गाज़ा शांति घोषणापत्र” पर हस्ताक्षर किए.
इस समझौते के तहत सभी इज़राइली बंधकों की रिहाई का दावा किया गया. उम्मीद जताई गई कि इज़राइल धीरे-धीरे गाज़ा से सैन्य कब्जा हटाएगा. लेकिन भाषण के अहम हिस्से से ज्यादा सुर्खियाँ ट्रम्प की “ब्यूटी कमेंट्री” ने बटोर लीं!
कूटनीति के सबसे गंभीर मंच पर “शांति से ज्यादा सुंदरता की चर्चा” होना कुछ लोगों को हास्यास्पद लगा, तो कुछ ने कहा — “कम से कम किसी ने माहौल हल्का तो किया!”