कोडीन मिक्स कफ सिरप की अवैध सप्लाई से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामले में पिछले दिनों आरोपी अमित सिंह को लखनऊ से गिरफ्तारी के बाद अब सोनभद्र पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. वाराणसी के रहने वाले शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद को पुलिस ने कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है. शुभम जायसवाल को कफ सिरप ड्रग रैकेट का किंगपिन बताया जा रहा है. यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश में फैल रहे इस ज़हरीले कारोबार पर बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है.
कैसे खुली इस खतरनाक नेटवर्क की परतें?
शुभम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, लेकिन वह अभी भी फरार है. यूपी में इस खतरनाक कफ सिरप नेटवर्क का जाल कई जिलों में फैला हुआ है. इस नेटवर्क का खुलासा अक्टूबर महीने में तब हुआ, जब सोनभद्र के चुर्क लाइन मोड़ पर चेकिंग के दौरान करीब 20,000 कफ सिरप की बोतलें बरामद की गईं. इसके बाद यूपी पुलिस और SIT ने जब नेटवर्क खंगालना शुरू किया तो एक-एक करके परतें खुलती गईं और पूरा खेल उजागर हो गया. जांच में पता चला कि शुभम का गिरोह कफ सिरप को कभी पेंट की बाल्टियों में, कभी नमकीन के पैकेटों के बीच, तो कभी छोटे कैरियरों और साइकिलों के जरिए अलग-अलग राज्यों में तस्करी करता था.
इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य सुरक्षा से लेकर कानून व्यवस्था तक सभी को हिलाकर रख दिया है. ज़हरीली कोडीन कफ सिरप की सप्लाई से जुड़े इस काले कारोबार का पर्दाफाश पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है—लेकिन मास्टरमाइंड शुभम अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है.