क्या आपको पता है की आपका Gmail आपकी बातें ‘चुपके’ से सुन रहा है या पढ़ रहा है? अगर आपको लगता है कि आपके ईमेल्स सिर्फ आपके और रिसीवर के बीच हैं, तो शायद आप गलत हो सकते हैं। एक टेक एक्सपर्ट की वॉर्निंग ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है, जिसमें दावा किया गया है कि Gmail के Smart Features आपकी प्राइवेसी और पर्सनल बातचीत और डेटा को खतरे में डाल सकते।
क्या है ‘Data Spy’ का ये पूरा चक्कर?
एक एक्सपर्ट ने खुलासा करते हुए कहा कि Google अपने AI मॉडल्स जैसे Gemini को स्मार्ट बनाने के लिए आपके पर्सनल ईमेल डेटा और अटैचमेंट का इस्तेमाल कर सकता है। ये सेटिंग्स ‘बाय डिफॉल्ट’ ऑन रहती हैं। यानी आपने खुद से हाँ नहीं कहा हो, फिर भी Google आपका डेटा AI ट्रेनिंग के लिए स्कैन कर रहा है।
खतरे की ‘रेड लाइन’ वाली 2 सेटिंग्स
अगर आपने ये दो सेटिंग्स ऑन रखी हैं, तो आपका डेटा Google के रडार पर है: पहला Smart Features and Personalization: ये आपके ईमेल पढ़कर आपको ‘Smart Reply’ या ऑटो-सजेशन देता है। दूसरा Cross-Product Personalization: ये आपका डेटा Google Assistant और Maps जैसी दूसरी ऐप्स के साथ शेयर करता है।
‘General’ टैब के अंदर आपको दो आप्शन दिखेंगे: ‘Smart features and personalization’ और दूसरा ‘Smart features in other Google products’। आपको इन दोनों को ‘Uncheck’ या बंद करना होगा।
Google का पलटवार
कंट्रोवर्सी बढ़ता देख Google ने इसे पूरी तरह ‘फेक’ करार दिया है। कंपनी का कहना है कि ‘हम Gemini या किसी भी AI को ट्रेन करने के लिए आपके Gmail कंटेंट का इस्तेमाल नहीं करते। स्मार्ट फीचर्स सिर्फ आपकी सुविधा के लिए हैं’।
सावधानी हटी, प्राइवेसी घटी! ये फीचर्स बंद करने से आपके ईमेल्स तो सेफ रहेंगे, लेकिन आपको ऑटो-रिप्लाई और ट्रैवल अपडेट्स जैसे ‘स्मार्ट’ फायदे मिलना बंद हो जाएंगे।