दुबई: दुबई में रहने वाली भारतीय महिला वर्तिका शर्मा के लिए कैब में छूटा उनका वॉलेट सिर्फ पैसे, कार्ड और जरूरी दस्तावेजों का मामला नहीं था। वॉलेट में उनके दिवंगत पिता की आखिरी पासपोर्ट साइज तस्वीर भी रखी थी। दिसंबर में पिता के निधन के बाद यही उनकी आखिरी तस्वीर थी, इसलिए वॉलेट खोने के बाद वर्तिका की सबसे बड़ी चिंता इसी याद को हमेशा के लिए खो देने की थी। हालांकि कुछ घंटों की बेचैनी के बाद कैब ड्राइवर ने पूरा वॉलेट सुरक्षित वापस लौटा दिया। इतना ही नहीं, वर्तिका ने जब उसे पैसे देने चाहे तो उसने टिप लेने से भी इनकार कर दिया।
वर्तिका ने सोशल मीडिया मंच लिंक्डइन पर इस पूरे अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि वॉलेट में कैश, कार्ड और पासपोर्ट के साथ उनके पिता की आखिरी पासपोर्ट साइज तस्वीर भी थी।
उनके पिता का दिसंबर में निधन हुआ था और उनके पास उनकी यही आखिरी तस्वीर थी। इसलिए वॉलेट खोने के बाद पैसे और कार्ड की चिंता के साथ सबसे बड़ा डर उस तस्वीर को खो देने का था। वर्तिका ने बताया कि तस्वीर अपने पास रखने की उनकी आदत भले ही थोड़ी पुराने जमाने की लगे, लेकिन इस घटना ने उन्हें महसूस कराया कि एक छोटी सी तस्वीर किसी की जिंदगी में कितनी बड़ी अहमियत रख सकती है।
वॉलेट का पता चलने के बाद वर्तिका ने कैब की कस्टमर केयर टीम से संपर्क किया। इसके बाद उन्हें कुछ घंटे इंतजार करना पड़ा।
इसी दौरान कस्टमर केयर टीम की ओर से उन्हें बताया गया कि कैब के ड्राइवर को उनका वॉलेट मिल गया है। ड्राइवर ने उसे सुरक्षित रखा था और वापस करने की तैयारी कर रहा था। यह खबर मिलते ही वर्तिका को सबसे बड़ी राहत इस बात की हुई कि उनके पिता की तस्वीर सुरक्षित है।
जब वॉलेट वर्तिका को वापस मिला तो उसके अंदर रखा कैश, कार्ड और पासपोर्ट सब सुरक्षित थे। उनके पिता की तस्वीर भी उसी तरह मौजूद थी।
वॉलेट जिस हालत में उन्हें वापस मिला, उससे वर्तिका को ड्राइवर की ईमानदारी का एहसास हुआ। उनके लिए यह सिर्फ खोया हुआ सामान वापस मिलने की बात नहीं थी, बल्कि उस याद का सुरक्षित लौटना था, जिसकी कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती।
वॉलेट वापस मिलने के बाद वर्तिका ने ड्राइवर का शुक्रिया अदा किया। उसकी ईमानदारी के लिए वह उसे कुछ पैसे देना चाहती थीं और उन्होंने टिप देने की कोशिश भी की।
लेकिन ड्राइवर ने पैसे लेने से इनकार कर दिया। वॉलेट सुरक्षित रखना और फिर उसे वापस करना तो अपने आप में बड़ी बात थी ही, लेकिन इसके बदले किसी तरह का पैसा स्वीकार न करना वर्तिका के लिए इस अनुभव को और खास बना गया।
वर्तिका ने अपनी पोस्ट में बताया कि उन्होंने दुबई की ईमानदारी, दयालुता और इंसानियत के बारे में कई बार सुना था। इस घटना के बाद उन्हें खुद इसका अनुभव हुआ।
उन्होंने कैब की कस्टमर केयर टीम का भी शुक्रिया अदा किया। उनके मुताबिक, पूरी प्रक्रिया के दौरान टीम ने उन्हें भरोसा दिलाया और वॉलेट वापस मिलने तक उनका साथ दिया।
अगर इस घटना को सिर्फ वॉलेट खोने और वापस मिलने के तौर पर देखा जाए तो यह एक सामान्य घटना लग सकती है। लेकिन उसमें रखी पिता की आखिरी तस्वीर ने इसे वर्तिका के लिए बेहद भावुक बना दिया।
कैश और कार्ड दोबारा हासिल किए जा सकते थे, जरूरी दस्तावेज भी बनाए जा सकते थे, लेकिन पिता की वह आखिरी तस्वीर उनके लिए दोबारा पाना संभव नहीं था। इसलिए वॉलेट वापस मिलने की खुशी सिर्फ सामान लौटने की नहीं, बल्कि पिता की एक अनमोल याद वापस मिलने की थी।
वर्तिका की कहानी सामने आने के बाद लोगों ने ड्राइवर की ईमानदारी की तारीफ की। लोगों का कहना था कि ऐसी घटनाएं इंसानियत और लोगों पर भरोसा कायम रखने की वजह देती हैं।
वर्तिका के अनुभव में सबसे खास बात यह रही कि ड्राइवर ने वॉलेट सुरक्षित लौटाया और बदले में किसी इनाम की उम्मीद भी नहीं की।
वर्तिका के लिए यह सिर्फ एक कैब ड्राइवर द्वारा खोया हुआ वॉलेट लौटाने की घटना नहीं थी। वह अपने पिता की आखिरी तस्वीर वापस पाकर भावुक थीं। कुछ घंटों की बेचैनी के बाद उन्हें अपना वॉलेट, जरूरी दस्तावेज और पिता की याद सब कुछ सुरक्षित वापस मिल गया।
इसी वजह से उन्होंने ड्राइवर को दिल से धन्यवाद दिया। उनके लिए यह घटना इस बात की याद बन गई कि बड़े शहर में भी किसी अनजान व्यक्ति की ईमानदारी और इंसानियत किसी के लिए बेहद खास मायने रख सकती है।
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