Sign In
  • My Bookmarks
IPress House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Reading: ‘राइट टू डाई विद डिग्निटी’ पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी मुहर, 13 साल से PVS में रह रहे हरीश राणा के मामले में आया ऐतिहासिक फैसला
Share
IPress HouseIPress House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
IPress House > Blog > Latest News > ‘राइट टू डाई विद डिग्निटी’ पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी मुहर, 13 साल से PVS में रह रहे हरीश राणा के मामले में आया ऐतिहासिक फैसला
Latest NewsTrending News

‘राइट टू डाई विद डिग्निटी’ पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी मुहर, 13 साल से PVS में रह रहे हरीश राणा के मामले में आया ऐतिहासिक फैसला

news desk
Last updated: March 11, 2026 12:52 pm
news desk
Share
अरुणा शानबाग से हरीश राणा तक
अरुणा शानबाग से हरीश राणा तक
SHARE

आज सुप्रीम कोर्ट ने 13 सालो से ‘वेजिटेटिव स्टेट’ (PVS) में रह रहे हरीश राणा को लाइफ सपोर्ट हटाने की अनुमति देकर एक बार फिर भारत के कानूनी इतिहास में ‘राइट टू डाई विद डिग्निटी’ (गरिमा के साथ मरने का अधिकार) पर मुहर लगा दी है। यह फैसला हमें 15 साल पहले की उस कानूनी लड़ाई की याद दिलाता है, जिसने भारत में इच्छा मृत्यु की नींव रखी थी—अरुणा शानबाग केस।

भारत में यूथेनेशिया की बहस 2011 में अरुणा शानबाग के मामले से शुरू हुई थी। अरुणा, जो मुंबई के केईएम (KEM) अस्पताल में एक नर्स थीं, 1973 में एक अमानवीय हमले के बाद उनकी ज़िंदगी 42 सालों तक अस्पताल के बिस्तर तक ही सिमट कर रह गई।


2011 सुप्रीम कोर्ट ने तब अरुणा के लिए लाइफ सपोर्ट हटाने की याचिका तो खारिज कर दी थी, लेकिन पहली बार ‘पैसिव यूथेनेशिया’ को कानूनी मान्यता दी थी| लेकिन हरीश के मामले में कोर्ट ने कदम आगे बढ़ाते हुए उनके माता-पिता की पीड़ा को समझा और लाइफ सपोर्ट हटाने की अनुमति दे दी।

अदालत का फैसला
जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने हरीश के माता-पिता की उम्र और उनकी असमर्थता को देखते हुए ये ऐतिहासिक आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि किसी इंसान को मशीनों के सहारे केवल ‘सांस’ लेने के लिए छोड़ देना उसकी गरिमा का अपमान है।

हरीश को गाजियाबाद से दिल्ली के एम्स शिफ्ट किया जाएगा, जहाँ डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम (Palliative Care) ये सुनिश्चित करेगी कि लाइफ सपोर्ट हटाते समय उन्हें कोई दर्द न हो।

जीने के अधिकार में है ‘गरिमापूर्ण मृत्यु’
सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले में क्लियर किया कि संविधान का अनुच्छेद 21 केवल जीवित रहने की गारंटी नहीं देता, बल्कि सम्मान के साथ मरने का हक भी देता है। अरुणा शानबाग के समय जो कानूनी प्रक्रिया बेहद जटिल और ‘असंभव’ जैसी थी, हरीश राणा के केस ने उसे मानवीय और सुलभ बना दिया है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Article 21, Aruna Shanbag Case, Harish Rana case, IndianPressHouse, indianpresshouse news, Medical Ethics, Passive Euthanasia India, Right to Die with Dignity, Supreme Court verdict
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article शेयर बाजार में गिरावट कल की तेजी के बाद आज बाजार में बिकवाली का तूफान, सेंसेक्स 77 हजार के करीब और निफ्टी 24,000 से नीचे
Next Article ओम बिरला अविश्वास प्रस्ताव लोकसभा लोकसभा में ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सियासी घमासान, राहुल गांधी का आरोप– “मेरा नाम लेते हैं, लेकिन…”

फीचर

View More

ईरान के क्लस्टर बम से इजरायल में खौफ, क्लस्टर बम क्या होते हैं? आखिर कितना खतरनाक है ये हथियार?

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका की ओर से ईरान पर लगातार हवाई हमलों की खबरें सामने आ…

By news desk 5 Min Read

जेन-Z आंदोलन से सत्ता तक आरएसपी… नई सरकार बनने के बाद भारत-नेपाल रिश्तों में क्या बदल सकता है?

नेपाल की राजनीति में 5 मार्च 2026 के आम चुनावों ने ऐसा…

8 Min Read
स्माइलिंग बुद्धा परमाणु परीक्षण 1974

जब अमेरिका ने भारत को न्यूक्लियर पॉवर बनने से रोका था। जवाब में ‘बुद्ध मुस्कुराए’ और बदल गई दुनिया की परमाणु नीति!

18 मई, 1974। पोखरण। सुबह के साढ़े आठ बजे के आसपास, रेत…

6 Min Read

विचार

View More
भारत–पाकिस्तान क्रिकेट राइवलरी

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ : भारत–पाकिस्तान…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

मनोरंजन से वैचारिक हथियार तक… भारतीय सिनेमा में प्रोपेगेंडा का बदलता चेहरा

लोकतंत्र में सिनेमा कभी केवल मनोरंजन…

January 9, 2026

You Might Also Like

गड्ढे के झटके से महिला की सांस लौटी
Trending Newsराज्य

डॉक्टरों ने कर दिया था ‘ब्रेन डेड’ घोषित, हो रही थी अंतिम संस्कार की तैयारी …तभी रास्ते के गड्ढे से हुआ चमत्कार और जीवित हो गयी महिला

यूपी: खराब सड़क और गड्ढों के लिए प्रशासन को अक्सर आड़े हाथों लिया जाता है और ये गड्ढे अक्सर बड़ी…

3 Min Read
रियलिटी शो या नफरत का अड्डा?
EntertainmentTrending News

‘The 50’ में झगड़े के बाद बढ़ी कंट्रोवर्सी, दिव्या अग्रवाल बोलीं– प्रिंस नरूला के फैंस दे रहे रेप की धमकियां

रियलिटी शोज की दुनिया में कॉन्ट्रोवर्सी कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार मामला 'ट्रोलिंग' की हदें पार कर…

3 Min Read
Trending Newsसियासी

कांशीराम जयंती पर यूपी की सियासत में हलचल, सपा और कांग्रेस की तैयारी, BSP और BJP पर निशाना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज़ हो गई हैं। खासकर…

3 Min Read
ओम बिरला अविश्वास प्रस्ताव लोकसभा
Trending Newsसियासी

लोकसभा में ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सियासी घमासान, राहुल गांधी का आरोप– “मेरा नाम लेते हैं, लेकिन…”

नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दौरान आज लोकसभा में माहौल काफी गरम रहा। स्पीकर Om Birla के खिलाफ…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?