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वाराणसी के इन 5 रहस्यमयी मंदिरों का राज आज भी बरकरार! एक साल में सिर्फ एक बार खुलता है ये प्राचीन धाम

वाराणसी: वाराणसी को सिर्फ गंगा घाटों, बाबा विश्वनाथ धाम और भव्य गंगा आरती के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि यह शहर अपने अनगिनत रहस्यों और प्राचीन मान्यताओं के लिए भी प्रसिद्ध है। काशी की संकरी गलियों में आज भी ऐसे कई प्राचीन मंदिर मौजूद हैं, जहां बहुत कम लोग पहुंचते हैं। इन मंदिरों से जुड़ी मान्यताएं और रहस्य इन्हें बेहद खास बनाते हैं। अगर आप वाराणसी घूमने की योजना बना रहे हैं, तो इन पांच अनोखे मंदिरों के दर्शन जरूर कर सकते हैं।

पितामहेश्वर मंदिर: जमीन के नीचे विराजमान हैं शिवलिंग

पितामहेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित प्राचीन मंदिरों में गिना जाता है। मान्यता है कि यहां का शिवलिंग जमीन से करीब 30 से 40 फीट नीचे एक गुप्त कक्ष में स्थापित है। बताया जाता है कि मंदिर वर्ष में केवल महाशिवरात्रि के अवसर पर ही खोला जाता है। श्रद्धालु पाइप के माध्यम से शिवलिंग के दर्शन करते हैं।

काशी करवट मंदिर: हर साल डूबता है, फिर भी सुरक्षित रहता है

मणिकर्णिका घाट के पास स्थित काशी करवट मंदिर, जिसे रत्नेश्वर महादेव मंदिर भी कहा जाता है, अपनी अनोखी बनावट के कारण प्रसिद्ध है। यह मंदिर एक ओर झुका हुआ दिखाई देता है। मान्यता है कि गंगा में बाढ़ आने पर यह मंदिर जलमग्न हो जाता है, लेकिन इसके बावजूद इसकी संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचता।

काशीराज काली मंदिर: काशी के नगर कोतवाल के रूप में प्रसिद्ध

काशीराज काली मंदिर को काशी के क्षेत्रपाल या नगर कोतवाल के रूप में भी जाना जाता है। मान्यता के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण लगभग 200 वर्ष पहले कराया गया था। धार्मिक दृष्टि से यह मंदिर वाराणसी के प्रमुख और रहस्यमयी स्थलों में शामिल माना जाता है।

नेपाली मंदिर: अनोखी वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण

गंगा किनारे स्थित नेपाली मंदिर अपनी अलग स्थापत्य शैली के लिए जाना जाता है। इसका निर्माण नेपाल के राजा ने कराया था। मंदिर की लकड़ी पर की गई बारीक नक्काशी और इसकी बनावट नेपाल के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर की याद दिलाती है, जिसकी वजह से यह पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहता है।

मृत्युंजय मंदिर: औषधीय जल वाले धनवंतरी कूप की मान्यता

मृत्युंजय मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। इस मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार परिसर में स्थित धनवंतरी कूप का जल औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। कहा जाता है कि इस कूप का जल अनेक रोगों से राहत दिलाने की आस्था से जुड़ा हुआ है।

vineet verma

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