हाल ही में रिलीज़ हुई फ़िल्म ‘धुरंधर’ में एक्टर अक्षय खन्ना ने जिस गैंगस्टर रहमान ‘डकैत’ का किरदार निभाया है, अंडरवर्ल्ड में उसकी दहशत का लेवल उससे कहीं ज़्यादा खतरनाक था। फ़िल्म भले ही एंटरटेनमेंट का ज़रिया हो, लेकिन असल ज़िंदगी में, रहमान बलोच के लियारी गैंग ने 2011 में एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया था, जिसने दाऊद इब्राहिम के साम्राज्य को हिलाकर रख दिया था।
ये सिर्फ एक गैंगवार नहीं था,ये दाऊद के भाई नूरा की हत्या के ज़रिए ‘D-कंपनी’ को घुटने पर लाने की सोची-समझी साज़िश थी।

D-कंपनी को सीधी चुनौती
फ़िल्म ‘धुरंधर’ में हमने भले ही रहमान ‘डकैत’ के कुछ पहलुओं को देखा हो, लेकिन असलियत में उसकी दहशत तब सामने आई जब उसने दाऊद इब्राहिम के भाई, नूर-उल-हक उर्फ ‘नूरा’ को निशाना बनाया। ये घटना दाऊद से पाकिस्तान की ज़मीन पर जीत न पाने के मिथक को पूरी तरह तोड़ देने के लिए की गई थी।
उसने दाऊद इब्राहिम के भाई नूरा को किडनैप किया गया और दो दिन तक बुरी तरह से टॉर्चर किया, पहले D-कंपनी से 50 मिलियन डॉलर (लगभग ₹400 करोड़) की फिरौती मांगी गई, जिसे दाऊद के खुफिया एजेंसियों ने महज़ ध्यान भटकाने का एक तरीका करार दिया।
जिसके बाद फिरौती न मिलने पर लियारी गैंग ने नूरा का शव टॉर्चर के निशान के साथ मिला और नूरा के सिर में सात गोलियां मारी गई थीं। लियारी गैंग की ये हरकत बताती है कि उनका इरादा सिर्फ हत्या करना नहीं, बल्कि D-कंपनी को डराने वाला एक खौफनाक मैसेज देना भी था।

नूरा का शव कराची में दाऊद के ‘होम टर्फ’ (इलाके) के पास फेंक दिया गया। ये लियारी गैंग का दाऊद को बताने का सबसे सीधा तरीका था कि वो अपने परिवार को भी नहीं बचा सकता।
नूरा की हत्या पैसों के लिए नहीं, बल्कि रहमान ‘डकैत’ द्वारा सालों पुरानी दुश्मनी का हिसाब चुकाने और दाऊद के सबसे करीबी सदस्यों में से एक को ख़त्म करके अपनी दहशत कायम करने का एक आखिरी तरीका था।
फ़िल्म ‘धुरंधर’ में जिस रहमान ‘डकैत’ की दहशत दिखाई गई है, उसने असलियत में D-कंपनी की सिक्योरिटी को ख़त्म कर देने जैसा काम किया था, जिससे दाऊद का पूरा साम्राज्य भी पूरी दुनिया के सामने बेनकाब हो गया था।