Google ने अपने AI प्लेटफॉर्म Gemini में नया Memory Import फीचर शुरू किया है। इसकी मदद से यूज़र अब दूसरे AI प्लेटफॉर्म जैसे ChatGPT और Claude से अपनी पुरानी जानकारी, पसंद और चैट हिस्ट्री Gemini में ला सकते हैं।
यूज़र्स को क्या फायदा होगा?
जब कोई नया AI इस्तेमाल किया जाता है, तो शुरुआत में उसे यूज़र के बारे में कुछ भी पता नहीं होता। ऐसे में हर बार पसंद, काम करने का तरीका और जरूरी जानकारी दोबारा बतानी पड़ती है। इस फीचर के जरिए Gemini पहले से जान सकेगा कि यूज़र किन विषयों में रुचि रखता है, किस तरह के जवाब पसंद करता है और किस भाषा में बातचीत चाहता है।
कैसे काम करता है यह फीचर?
Gemini की सेटिंग में जाकर Import Memory to Gemini विकल्प चुनना होगा। यहां Google एक खास prompt देता है, जिसे दूसरे AI प्लेटफॉर्म पर paste करना होता है। इसके बाद दूसरा AI पुरानी बातचीत के आधार पर एक summary तैयार करता है। उस summary को वापस Gemini में डालने पर जानकारी उसकी memory में जुड़ जाती है।

पुरानी चैट भी कर सकते हैं ट्रांसफर
अगर यूज़र अपनी पुरानी chats भी Gemini में लाना चाहते हैं, तो पहले ChatGPT या Claude से data export करना होगा। इसके लिए export file डाउनलोड करनी होगी, जो ZIP format में मिलती है। बाद में उसी file को Gemini में upload किया जा सकता है।
किन लोगों के लिए उपलब्ध है फीचर?
Google के मुताबिक यह फीचर फिलहाल केवल personal accounts के लिए उपलब्ध है। Work, school या supervised Google accounts पर इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। कुछ देशों में यह सुविधा शुरू हो चुकी है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अभी उपलब्ध नहीं है।
AI कंपनियों के बीच बढ़ी प्रतिस्पर्धा
टेक विशेषज्ञ मानते हैं कि AI कंपनियां अब ऐसे फीचर्स ला रही हैं, जिनसे यूज़र को नया प्लेटफॉर्म अपनाने में आसानी हो। Memory Import फीचर भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे AI पहले दिन से ज्यादा personal अनुभव दे सकता है।