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‘कैप्टन खरात’ का काला सच: पापी बाबा अशोक खरात की हरकतें बेनकाब, रोज सामने आ रहे अश्लील वीडियो

कहते हैं, जब इंसान खुद को भगवान से ऊपर समझने लगता है और पाप करना उसकी आदत बन जाता है, तो उसका घड़ा भर जाता है और आज नहीं तो कल उसे दुनिया के सामने बेनकाब होना ही पड़ता है। ‘कैप्टन खरात’ भी उन्हीं लोगों में शामिल है, जिसने पाप का रास्ता अपनाकर महिलाओं की इज्जत को तार-तार करना अपनी आदत बना ली थी। लेकिन अब उसके ये कृत्य पूरी तरह उजागर हो चुके हैं और वह पुलिस की गिरफ्त में है। इतना ही नहीं, महिलाओं से दुष्कर्म के मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने रविवार को नासिक के ज्योतिषी अशोक खरात की पुलिस हिरासत 1 अप्रैल तक बढ़ा दी है।

अशोक खरात को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। उसकी गंदी हरकतों से जुड़े कई वीडियो सामने आ रहे हैं, जिन्हें देखकर शर्म आ जाए। बताया जा रहा है कि उसने कई महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बनाया। इस संबंध में कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

जब तक उसका सच दुनिया के सामने नहीं आया था, तब तक उसका काला कारनामा पर्दे के पीछे छिपा हुआ था। कहा जाता है कि वह पहले एक सेलर था, फिर ‘गॉडमैन’ बन गया और लोगों की नजरों में खुद को ज्ञानी साबित कर, महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध करता रहा।

नासिक ज्योतिषी अशोक खरात केस: SIT जांच तेज, डिजिटल सबूतों की पड़ताल जारी

नासिक में चर्चित ज्योतिषी अशोक खरात से जुड़े दुष्कर्म मामलों की जांच लगातार तेज होती जा रही है। जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और जब्त किए गए मोबाइल फोन की क्लोन कॉपी के विश्लेषण के लिए डिजिटल विशेषज्ञों की आवश्यकता है। यह प्रक्रिया खरात की मौजूदगी में ही पूरी की जानी जरूरी है।

महाराष्ट्र के नासिक जिले के सिन्नर में मंदिर ट्रस्ट चलाने वाले स्वयंभू बाबा अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मचा हुआ है। 18 मार्च को 35 वर्षीय महिला द्वारा दर्ज कराए गए दुष्कर्म के मामले के बाद अब तक आरोपी के खिलाफ 8 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।

कोड लैंग्वेज से चलता था पूरा खेल

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच अधिकारियों के अनुसार, अशोक खरात अपने दफ्तर में ‘कोड लैंग्वेज’ का इस्तेमाल करता था।

जब भी वह किसी महिला को ‘शुद्धिकरण’ के बहाने केबिन में बुलाता, तो कमरे में लगे झूमर की लाइट बंद कर देता था। यह स्टाफ के लिए एक संकेत होता था कि अंदर किसी को भी प्रवेश नहीं करना है।

इतना ही नहीं, आरोपी के केबिन में ऐसे कांच लगाए गए थे, जिनमें बाहर से अंदर कुछ दिखाई नहीं देता था, जबकि अंदर बैठा व्यक्ति बाहर का पूरा दृश्य देख सकता था।

SIT के पास शिकायतों की बाढ़

महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले की जांच के लिए आईपीएस अधिकारी तेजस्वी सातपुते के नेतृत्व में SIT का गठन किया है। जांच टीम ने दो मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं, जिन पर लगातार शिकायतें आ रही हैं।

सीनियर अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 5 दिनों में 50 से ज्यादा कॉल्स प्राप्त हुई हैं, जिनमें लोगों ने आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। औसतन रोजाना 15 से 20 शिकायतें दर्ज हो रही हैं।

SIT ने सभी शिकायतकर्ताओं को भरोसा दिलाया है कि उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

और बड़े खुलासों की आशंका

जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। कई पीड़िताएं अब सामने आ रही हैं, जिससे केस और मजबूत होता जा रहा है।

इस मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला से मोबाइल डेटा की क्लोन कॉपी प्राप्त कर ली है। अब तक खरात के खिलाफ 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 8 मामले दुष्कर्म से जुड़े हैं।

सरकारी वकील का पक्ष

सहायक सरकारी वकील शैलेंद्र बागाडे ने कोर्ट को बताया कि SIT कई अहम पहलुओं पर जांच कर रही है, लेकिन खरात इस दौरान पर्याप्त सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि आरोपी ने अपने महत्वपूर्ण संपर्कों के मोबाइल नंबर फर्जी नामों (उपनाम) से सेव कर रखे हो सकते हैं। ऐसे में उसकी मौजूदगी में ही मोबाइल डेटा की जांच करना जरूरी है।

संपत्तियों की भी जांच

जांच एजेंसियां खरात की चल और अचल संपत्तियों की भी पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों को शक है कि आरोपी ने कई संपत्तियां अपने नाम के अलावा अन्य लोगों के नाम पर भी हासिल की हो सकती हैं।

‘खारा और कड़वा पानी’ का आरोप

सरकारी वकील ने बताया कि जिस मामले में खरात को गिरफ्तार किया गया, उसमें उसने पीड़िता को पीने के लिए “खारा और कड़वा पानी” दिया था। इसे पीने के बाद पीड़िता को चक्कर आने लगे, जिसके बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

संदिग्ध पदार्थ की जांच

SIT अब इस बात की जांच करेगी कि आरोपी ने पानी में क्या मिलाया था और उसका स्रोत क्या था। इस पहलू को लेकर फोरेंसिक जांच भी कराई जाएगी।

रूपाली चाकणकर का नाम चर्चा में

इस मामले में राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर का नाम भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि वह आरोपी के चैरिटेबल ट्रस्ट से ट्रस्टी के रूप में जुड़ी थीं। हालांकि, SIT के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले में किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

इसी मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के बीच इस मामले को लेकर तीखी बहस देखने को मिली।

news desk

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