चेन्नई। चेन्नई की सुबह तमिलनाडु के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई। सुपरस्टार और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। स्टेडियम में मौजूद लाखों प्रशंसकों की गर्जना और “वंदे मातरम” के जयघोष के बीच विजय ने राज्य की कमान संभाली।
राहुल गांधी की मौजूदगी ने बढ़ाया राजनीतिक कद
शपथ ग्रहण समारोह की सबसे बड़ी हाईलाइट कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मौजूदगी रही। जैसे ही राहुल गांधी और विजय एक साथ मंच पर आए, पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। विपक्षी गठबंधन (INDIA ब्लॉक) के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं और भाजपा नेता नैनार नागेंथ्रन की उपस्थिति ने इस समारोह को एक राष्ट्रीय राजनीतिक गरिमा प्रदान की।
विजय की ‘टीम 9’: कैबिनेट में युवा और अनुभव का संगम
मुख्यमंत्री विजय के साथ ही उनकी कैबिनेट के 9 मंत्रियों ने भी शपथ ली। इस नई टीम में सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है। शपथ लेने वाले प्रमुख मंत्रियों में शामिल हैं:
- आधव अर्जुन (प्रमुख सहयोगी और रणनीतिकार)
- के.ए. सेंगोट्टैयन (अनुभवी राजनेता)
- एस. कीर्तना (कैबिनेट में महिला चेहरा)
- के.जी. अरुण राज, टी.के. प्रभु, एन. आनंद, पी. वेंकटरमणन, आर. निर्मलकुमार और राजमोहन।
भावुक क्षण: माता-पिता और फिल्म जगत की मौजूदगी
विजय के शपथ ग्रहण के दौरान उनके पिता, मशहूर निर्देशक एस.ए. चंद्रशेखर और मां शोभा चंद्रशेखर दर्शक दीर्घा में मौजूद थे। अपने बेटे को राज्य के सर्वोच्च पद पर आसीन होते देख दोनों भावुक नजर आए। फिल्मी जगत से उनकी करीबी मित्र और अभिनेत्री तृषा कृष्णन भी इस ऐतिहासिक पल की गवाह बनने स्टेडियम पहुंचीं।
अगली चुनौती: 13 मई को शक्ति परीक्षण
सत्ता संभालने के बाद विजय के सामने पहली बड़ी संवैधानिक चुनौती 13 मई 2026 की है। राज्यपाल ने उन्हें 13 मई तक या उससे पहले विधानसभा में विश्वास मत (Floor Test) हासिल करने का निर्देश दिया है। हालांकि, कांग्रेस, CPI, CPM, VCK और IUML के समर्थन के साथ विजय के पास स्पष्ट बहुमत दिखाई दे रहा है।
जनता की उम्मीदें और गठबंधन का भरोसा
सीपीआई(एम) नेता बालाकृष्णन ने इसे “धर्मनिरपेक्ष सरकार” का गठन बताया है, वहीं कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने इसे तमिलनाडु के लिए नई उम्मीदों की शुरुआत कहा है। जनता अब सुपरस्टार से ‘सुपर-गवर्नेंस’ की उम्मीद कर रही है, जहां सामाजिक न्याय और पारदर्शी शासन उनकी प्राथमिकता हो।