Sign In
  • My Bookmarks
IPress House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Reading: कौन थी वो लेखिका जिसकी एक झलक पर दिल हार बैठे थे रियासत के महाराजा, हेयरस्टाइल ऐसी कि शहर में होने लगी चर्चा?   
Share
IPress HouseIPress House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
IPress House > Blog > फीचर > कौन थी वो लेखिका जिसकी एक झलक पर दिल हार बैठे थे रियासत के महाराजा, हेयरस्टाइल ऐसी कि शहर में होने लगी चर्चा?   
फीचर

कौन थी वो लेखिका जिसकी एक झलक पर दिल हार बैठे थे रियासत के महाराजा, हेयरस्टाइल ऐसी कि शहर में होने लगी चर्चा?   

news desk
Last updated: August 26, 2025 11:37 am
news desk
Share
रमणिका गुप्ता के किस्से
रमणिका गुप्ता के किस्से
SHARE

जानी-मानी लेखिका रमणिका गुप्ता अपनी बेबाकी और बोल्डनेस के लिए अपने दौर में काफी मशहूर रहीं. उनकी धमक ने न सिर्फ साहित्य-जगत में बल्कि राजनीतिक क्षेत्र में भी समाज के स्त्रियों के लिए बने-बनाये सांचे को तोड़ डाला था. रमणिका गुप्ता अपने लेखन में लगातार स्त्रियों की मुक्ति और यौन-इच्छा की स्वंतंत्रता पर जोर देती रही थीं. इसी के साथ जब उनकी दो खण्डों में प्रकाशित आत्मकथा ‘आपहुदरी’ आई, तो देश भर में चर्चा का विषय बन गई.

अपनी आत्मकथा में रमणिका ने न सिर्फ अपने निजी जीवन के सेक्रेट्स खोले, बल्कि अपने राजनीतिक करियर से जुड़े कई बड़े नेताओं के साथ अपने अंतरंग संबंधों का भी खुलासा की. ऐसा ही किस्सा है, जब खुद रियासत के महाराजा ने बढ़ाया था लेखिका रमणिका गुप्ता की ओर दोस्ती का हाथ.

अपनी आत्मकथा में रमणिका लिखती हैं कि – एक दिन उनके पापा जी ने बताया कि महाराजा साहब के यहां से संदेश आया है कि महारानी साहिबा उनसे मिलना चाहती हैं. उन्हें हैरानी हुई कि भला रियासत की महारानी को उनसे क्या काम हो सकता है ?

खैर, रमणिका और उनकी भाभी दोनों महारानी साहिबा से मिलने उनके महल जा पहुंची.  जैसे ही महारानी ने उन्हें देखा उनकी तारीफ़ करती हुई वो बोलीं – “बहुत सुंदर लग रही है.”

वे बताती हैं कि चूंकि वो मुम्बई से आई थीं और उन्होनें अपने बालों को घुंघराले करा रखा था, ये छोटे शहर फरीदकोट के लिए नई बात थी और लोग उनकी खूबसूरती की बातें करते रहते थे. इस बीच महाराजा साहब भी वहां आ गए. आये हुए मेहमानों को देखकर वे महारानी से बोले कि “मां, मैं इन्हें संतरे के बाग दिखा लाता हूं.” उसके बाद महाराजा साहब अपने हेलीकॉप्टर में बैठाकर उन्हें ऊपर से बाग में घुमाया और उतारकर बाग में ले गए.

वे उन लम्हों को याद करते हुए लिखती हैं कि ‘लौटते समय मैं राजा साहब के बगल वाली सीट पर बैठी थी और भाभी पीछे. मुझे लगा कि वे मुझे कनखियों से देख रहे थे. वो खुद हेलीकॉप्टर चला रहे थे. हम लोग उतरकर कमरे में आए. भाभी को उन्होंने महारानी साहिबा के पास भेज दिया, तब राजा साहब ने मेरा हाथ दबाते हुए कहा – “जब मन हो, तुम बाग में घूमने चली आना, मुझे अच्छा लगेगा. मैंने धीरे से सिर हिलाकर हामी भर दी.’

अपनी गाड़ी में बैठाकर घुमाते थे गांव

महाराजा साहब बहुत ही शांत और सादगी भरे स्वभाव के थे. वो मुझे अपनी गाड़ी में बैठाकर गांव के लोगों से मिलवाने ले गए. रास्ते में उन्होंने कहा – “आपको यहां की जिंदगी दिखाना चाहता हूं.”

गांववाले उन्हें बहुत सम्मान से देखते थे. उनकी बातें सुनकर मुझे लगा कि वे मुझसे सिर्फ सामाजिक रिश्ता नहीं, बल्कि एक आत्मीय रिश्ता कायम करना चाहते हैं. इस मुलाकात के बारे में वे बताती हैं कि घर लौटते समय उनकी भाभी ने उनसे मजाक में कहा था कि “तुम तो महाराजा पर दीवानी हो गई हो.” तब उन्होनें मुस्कुराकर जवाब दिया था कि “भाभी, हर दीवाने से रिश्ता नहीं बनता. ये रिश्ता तो खुद ही बन गया है.”

धीरे-धीरे यह रिश्ता आत्मीयता और गहराई में बदल गया. वह सिर्फ राजा होने का नहीं, बल्कि एक सच्चे दोस्त और सहारा बनने का एहसास दिला रहे थे. कुछ दिनों तक यह सिलसिला चलता रहा. कभी-कभी वे मेरा हाथ पकड़ लेते या सहला देते और मैं भी हंसते हुए वैसा ही कर देती.

लेकिन वो कहते हैं ना कि ऐसी बातें छिपती नहीं है. जल्द ही फरीदकोट में राजा साहब और रमणिका गुप्ता को लेकर चर्चाएं होने लगी. वे बतातीं हैं कि ‘धीरे-धीरे शहर में यह बात फैल गई थी कि डॉक्टर साहब की बेटी का महाराजा साहब से संबंध है. बीबी जी को यह बिल्कुल अच्छा नहीं लगा. उन्होंने मुझे डांटा और बुलाना बंद कर दिया.’ इस तरह ये कहानी इसी मोड़ आगे नहीं बढ़ पाई. हालांकि रमणिका गुप्ता बाद में देश की सियासत में काफी आगे तक गईं.

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: #aaphudari, #boldness, #indianpresshouse, #maharaja, #ramrikagupta
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article वोटर अधिकार यात्रा ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से बदलेगा बिहार के सीमांचल का वोट गणित?, राहुल की यात्रा में भीड़ देख क्यों परेशान हैं ओवैसी ?
Next Article निक्की भाटी मर्डर केस निक्की भाटी मर्डर केस में बड़ा खुलासा, पिता ने खोले दहेजलोभियों के राज़!

फीचर

View More
एपस्टीन फाइल्स में बिल गेट्स

एपस्टीन फाइल्स में बिल गेट्स! मेलिंडा ने तोड़ी चुप्पी, पैंडेमिक सिमुलेशन से लेकर भारत को “लैबोरेटरी” बनाने तक – गेट्स का गन्दा खेल

कुछ हफ्ते पहले अमेरिकी न्याय विभाग ने एक बम फोड़ दिया। जेफरी एपस्टीन - वो शख्स जिसका नाम सुनते ही…

By Gopal Singh 8 Min Read
नोम चोमस्की एपस्टीन विवाद

वह विचारक जिसने सिखाया ‘हर चीज़ पर शक करो’, खुद किस सच से भागता रहा? एपस्टीन चोमस्की के रिश्तों के खुलासों से क्यों हिल गए लेफ्टिस्ट ?

कल्पना कीजिए—आप दशकों तक किसी को अपना वैचारिक मार्गदर्शक मानते रहे। उसकी…

9 Min Read

क्या अमेरिका इज़रायल के कब्जे में है? जॉनी किर्क हत्याकांड में खुल रहे हैं चौंकाने वाले राज, पत्नी भी मोसाद एजेंट?

हाल के दिनों में मोसाद के एजेंटों को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं।…

5 Min Read

विचार

View More

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी का प्रभाव भारत की…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

मनोरंजन से वैचारिक हथियार तक… भारतीय सिनेमा में प्रोपेगेंडा का बदलता चेहरा

लोकतंत्र में सिनेमा कभी केवल मनोरंजन…

January 9, 2026

लोकतंत्र या नियंत्रित व्यवस्था? रूस-चीन की राह पर चलती भारत और संघ की अदृश्य रणनीति!

एक समय देश में कांग्रेस पार्टी…

December 15, 2025

You Might Also Like

एपस्टीन फाइल्स में बिल गेट्स
फीचर

एपस्टीन फाइल्स में बिल गेट्स! मेलिंडा ने तोड़ी चुप्पी, पैंडेमिक सिमुलेशन से लेकर भारत को “लैबोरेटरी” बनाने तक – गेट्स का गन्दा खेल

कुछ हफ्ते पहले अमेरिकी न्याय विभाग ने एक बम फोड़ दिया। जेफरी एपस्टीन - वो शख्स जिसका नाम सुनते ही…

8 Min Read
नोम चोमस्की एपस्टीन विवाद
फीचर

वह विचारक जिसने सिखाया ‘हर चीज़ पर शक करो’, खुद किस सच से भागता रहा? एपस्टीन चोमस्की के रिश्तों के खुलासों से क्यों हिल गए लेफ्टिस्ट ?

कल्पना कीजिए—आप दशकों तक किसी को अपना वैचारिक मार्गदर्शक मानते रहे। उसकी किताबों से सीखा, उसके भाषणों से प्रेरणा ली,…

9 Min Read
फीचर

क्या अमेरिका इज़रायल के कब्जे में है? जॉनी किर्क हत्याकांड में खुल रहे हैं चौंकाने वाले राज, पत्नी भी मोसाद एजेंट?

हाल के दिनों में मोसाद के एजेंटों को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं। इज़रायल की खुफिया एजेंसी मोसाद को दुनिया की…

5 Min Read
महिलाओं में PCOD क्यों बढ़ रहा है?
Latest Newsअन्य

महिलाओं में क्यों बढ़ रहा है PCOD का खतरा ? असली वजह क्या है और कैसे हो सकता बचाव ?

आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में महिलाओं की सेहत से जुड़ी कई समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिनमें PCOD…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?