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इश्क के जज्बात को अल्फाज देने वाले जादूगर ने कभी की थी सेना की नौकरी….दौर बदल गए लेकिन आज भी आनंद बख्शी का लिखा गुनगुनाता है दिल

"मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू" – आराधना (1969) एक हसीना थी, एक दीवाना था" – कर्ज़ (1980) सोलह…

21 hours ago