लखनऊ। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। बटुकों के कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के क्रम में आई मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर संकेत मिलने की बात सामने आई है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित बताए जा रहे बटुकों की मेडिकल जांच में यौन शोषण और उत्पीड़न से जुड़े तथ्यों की पुष्टि होने का दावा किया गया है। हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।
सूत्रों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई की तैयारी में है और गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। मामले में पीड़ित बताए जा रहे बटुकों ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके एक शिष्य पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। दो बटुकों का दावा है कि गुरु दीक्षा के नाम पर उनके साथ कथित रूप से प्रताड़ना की गई और आपत्तिजनक व्यवहार किया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्हें अन्य लोगों के सामने पेश किया जाता था और उनके साथ अनुचित कृत्य किए जाते थे। पीड़ितों का कहना है कि ऐसे लगभग 20 अन्य बटुक भी हो सकते हैं, जो कथित रूप से इसी तरह की प्रताड़ना का शिकार हुए।
आरोपों के अनुसार, मठ परिसर में बाहरी लोगों का भी आना-जाना रहता था, जिनमें कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि विरोध करने पर उन्हें चुप रहने की धमकी दी गई।
इस संबंध में आशुतोष महाराज नामक व्यक्ति की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र दायर किया गया था। कोर्ट के निर्देश के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
हालांकि, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आधिकारिक निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।