नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाए जाने के बाद उनके भविष्य को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। गोयल फिलहाल केंद्र सरकार में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री हैं और अब उन्हें पार्टी संगठन में भी अहम जिम्मेदारी मिली है। ऐसे में ‘एक व्यक्ति, एक पद’ की पार्टी की परंपरा के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या वह मोदी मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देंगे।
भाजपा ने 17 अगस्त को पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया था। इसमें कई नए चेहरों को जगह दी गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को महासचिव और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व पदाधिकारी राम माधव को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसी फेरबदल में पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एक साथ दो जिम्मेदारियों ने बढ़ाई चर्चा
पीयूष गोयल नई राष्ट्रीय टीम में शामिल किए गए इकलौते मौजूदा केंद्रीय मंत्री हैं। वह फिलहाल वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय संभाल रहे हैं और अब पार्टी के वित्तीय मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी भी उनके पास है। इसी वजह से संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
भाजपा में लंबे समय से अनौपचारिक रूप से ‘एक व्यक्ति, एक पद’ की परंपरा देखने को मिलती रही है। आम तौर पर पार्टी के नेता संगठन और सरकार की जिम्मेदारियां एक साथ नहीं संभालते हैं। हालांकि, अभी भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि पीयूष गोयल को मंत्रिमंडल से हटाया जा रहा है। गोयल ने भी अपनी नई संगठनात्मक जिम्मेदारी को लेकर ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। ऐसे में कैबिनेट से उनकी विदाई की चर्चा फिलहाल अटकलों तक ही सीमित है।
व्यापार समझौतों में अहम भूमिका
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री के रूप में पीयूष गोयल भारत की कई महत्वपूर्ण व्यापार वार्ताओं में प्रमुख भूमिका निभाते रहे हैं। इनमें अमेरिका के साथ चल रही मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत भी शामिल है। पार्टी के भीतर उन्हें संगठन, चुनाव प्रबंधन और वित्तीय मामलों का अनुभव रखने वाले नेता के तौर पर देखा जाता है।
पहले भी संभाल चुके हैं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष का पद पीयूष गोयल के लिए नया नहीं है। वह मार्च 2010 से मई 2014 तक भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रह चुके हैं। 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार बनने तक उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली थी।
गोयल के पिता वेद प्रकाश गोयल भी लंबे समय तक भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रहे थे। वह अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार में 2001 से 2003 तक केंद्रीय जहाजरानी मंत्री भी रहे थे।
मोदी सरकार में कई अहम मंत्रालय संभाले
2014 में पीयूष गोयल को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार में बिजली, कोयला और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालयों का राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया था। इसके बाद उन्हें रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली। उन्होंने वित्त और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालयों का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।
2018 और 2019 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली के अस्वस्थ होने के दौरान गोयल ने दो बार अंतरिम वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। 2019 में उन्होंने वित्त वर्ष 2019-20 का अंतरिम बजट भी पेश किया था।
पीयूष गोयल ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया था। उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई में भी दूसरा स्थान प्राप्त किया। वह मुंबई उत्तर लोकसभा सीट से भाजपा सांसद हैं और 2024 का लोकसभा चुनाव इसी सीट से जीते थे।
2019 से संभाल रहे हैं वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
पीयूष गोयल पहली बार 31 मई 2019 को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री बने थे। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने 11 जून 2024 को लगातार दूसरी बार इस मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली।
उनके कार्यकाल में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता भी हुआ। इसके अलावा चिली, मालदीव, कनाडा, मैक्सिको, यूरेशियन क्षेत्र, खाड़ी सहयोग परिषद और अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों को लेकर बातचीत चल रही है।
अभी गोयल के इस्तीफे पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं
भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष के रूप में पीयूष गोयल को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। इससे पार्टी को प्रशासनिक और संगठनात्मक अनुभव रखने वाला नेता वित्तीय मामलों से जुड़े अहम पद पर मिला है।
हालांकि, नई संगठनात्मक जिम्मेदारी मिलने के बाद क्या पीयूष गोयल को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मुक्त किया जाएगा, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। भाजपा और केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। फिलहाल गोयल वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री के साथ भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
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