नई दिल्ली: सोमवार, 30 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार में ही तेज गिरावट देखी गई। वैश्विक तनाव और बिकवाली के दबाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1,137 अंक (1.55%) गिरकर 72,445 के स्तर पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 करीब 336 अंक (1.47%) की गिरावट के साथ 22,483 पर फिसला।
बैंकिंग शेयरों में दबाव, मेटल ने संभाली थोड़ी राहत
एनएसई के 15 सेक्टर इंडेक्स में से 13 लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। निफ्टी बैंक 2.1% तक गिरकर सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बना। बैंकिंग शेयरों में लगातार बिकवाली देखने को मिली। वहीं, निफ्टी मेटल 0.4% की हल्की बढ़त के साथ आज का टॉप गेनर बना।
पिछले हफ्ते भी सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 1.27% की गिरावट दर्ज की गई थी। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 949.74 अंक या 1.27 प्रतिशत नीचे आया, जबकि निफ्टी 294.9 अंक या 1.27 प्रतिशत के नुकसान में रहा।
मिडिल ईस्ट संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और ग्लोबल मार्केट से कमजोर संकेतों ने भारतीय निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया है। यमन के हूतियों द्वारा इजरायल पर मिसाइलें दागने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरानी तेल को जब्त करने वाले बयान के बाद तेल की कीमतों में तेजी आई।
ब्रेंट क्रूड मई डिलीवरी $116.12 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो 3.2% की बढ़त है। अमेरिकी WTI क्रूड $102.96 प्रति बैरल पर 3.4% ऊपर ट्रेड कर रहा है।
एशियाई बाजारों में भी दबाव
सोमवार को एशिया-पैसिफिक के प्रमुख बाजारों में भारी गिरावट देखी गई:
- जापान (निक्केई 225): 4.65% की कमजोरी
- दक्षिण कोरिया (कोस्पी): 3.51% नीचे
- हांगकांग (हैंग सेंग): 1.84% गिरावट
- ऑस्ट्रेलिया (ASX 200): 1.18% की कमजोरी
- शंघाई: 0.67% नीचे
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजारों में बढ़ता तनाव और मिडिल ईस्ट की स्थिति भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाल रही है, जिससे निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है।