मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कथित धर्म परिवर्तन और यौन शोषण से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का मामला सामने आया है। पुलिस ने दो महिलाओं की शिकायत के आधार पर एक महिला सहित पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
आरोप है कि अमरीन और आफरीन नाम की दो बहनें इस कथित नेटवर्क का संचालन कर रही थीं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि गरीब परिवारों की लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनके संपर्क में लाया जाता था और बाद में उन्हें ब्लैकमेल कर शोषण किया जाता था।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब भोपाल के बाग सेवनिया थाना पुलिस स्टेशन में दो महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने रेप, धमकी और धर्म परिवर्तन के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अमरीन खान उर्फ माहिरा, आफरीन और चंदन यादव समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, फरार चल रहे आरोपी यासिर, बिलाल और चानू की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
पीड़िता ने सुनाई आपबीती
मामले की एक शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह विधवा है और अपने दो बच्चों की परवरिश अकेले कर रही है। जीविका चलाने के लिए वह कैटरिंग सर्विस में वीआईपी वेटर का काम करती थी।
महिला के अनुसार, वर्ष 2023 में एक मॉल में उसकी मुलाकात अमरीन नाम की महिला से हुई, जिसने उसे 10 हजार रुपये मासिक वेतन पर बच्चे की देखभाल का काम दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद उसे अशोका गार्डन स्थित एक घर में रखा गया और बाद में सागर रॉयल विला के एक मकान में बुलाया जाने लगा, जहां अमरीन अपने परिचित चंदन यादव के साथ रहती थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि दिसंबर 2024 में उसे नारायण नगर स्थित एक मकान में ले जाया गया, जहां चाय में कथित रूप से नशीला पदार्थ मिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। महिला का कहना है कि घटना के बाद उसे बदनाम करने और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर चुप रहने के लिए दबाव बनाया गया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और उसे धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने के लिए मजबूर किया गया।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
नशीला पदार्थ देकर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप
जांच के दौरान मामला उस समय और गंभीर हो गया जब एक अन्य युवती ने भी सामने आकर इसी तरह के शोषण की शिकायत दर्ज कराई। दूसरी शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसे नशीला पदार्थ पिलाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
दोनों मामलों में महिलाओं को कथित रूप से एक समान तरीके से संपर्क में लाने और बाद में ब्लैकमेल करने के आरोप सामने आने के बाद पुलिस को संगठित गिरोह की आशंका है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आरोपी बताई जा रही बहनें कॉलोनी के एक फ्लैट में रहती थीं और उनकी गतिविधियां सामान्य नजर आती थीं, जिससे आसपास के लोगों को कोई संदेह नहीं हुआ।
पुलिस अब आरोपियों के संभावित आपराधिक नेटवर्क, अन्य संभावित पीड़िताओं और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, पीड़िताओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मेडिकल व फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।