नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो के साथ नोट्स साझा करने की इजाजत दे दी .लद्दाख प्रशासन ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई. कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 29 अक्टूबर का समय दिया है.
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और आदेश
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, जो गीतांजलि की ओर से पेश हुए, उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि वांगचुक को उनकी पत्नी के साथ कुछ नोट्स साझा करने की अनुमति दी जाए. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसकी मंजूरी दे दी. कोर्ट ने यह भी कहा कि वांगचुक की हिरासत के खिलाफ याचिका में संशोधन करने और इसके आधार को चुनौती देने के लिए आवेदन दायर किया जा सकता है.
क्या होगी आगे की रणनीति ?
गीतांजलि ने समाचार एजेंसी को बताया कि उनकी पहली याचिका पर 6 अक्टूबर को सुनवाई हुई थी, जिसमें उन्होंने हिरासत के कारणों और वांगचुक की स्थिति की जानकारी मांगी थी. इसके बाद उन्हें 7 अक्टूबर को जोधपुर जेल में वांगचुक से मिलने की अनुमति मिली. 11 अक्टूबर को उनकी दूसरी मुलाकात हुई. गीतांजलि ने कहा, “आज की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दो महत्वपूर्ण आदेश दिए. पहला, वांगचुक को नोट्स साझा करने की अनुमति, और दूसरा, उनकी हिरासत के खिलाफ चुनौती को लेकर आगे की कार्रवाई की मंजूरी. कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि वो जल्द ही याचिका में संशोधन करेंगे और हिरासत के आधार को चुनौती देंगे. यह मामला लद्दाख में राज्य के दर्जे की मांग और इससे जुड़े प्रदर्शनों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.