देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचाने जाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा जल सप्लाई को लेकर एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। आरोप है कि नर्मदा जल के नाम पर लोगों को अत्यधिक दूषित पानी की आपूर्ति की गई, जिसके चलते कई लोगों की जान चली गई।
पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद जब इसकी जांच कराई गई, तो स्थिति और भी भयावह सामने आई। गुरुवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज और नगर निगम की लैब में किए गए सैंपल टेस्ट की रिपोर्ट में पानी में ई-कोलाई और शिगेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ये बैक्टीरिया आमतौर पर मानव मल से होने वाले प्रदूषण की ओर इशारा करते हैं।
इस पूरे मामले की पुष्टि कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वयं की है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है और जल आपूर्ति व्यवस्था की जांच तेज कर दी गई है।
उधर, गुरुवार को इसी मामले से जुड़ी एक और मौत की पुष्टि हुई है, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। कई अन्य लोग अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है।
इस घटना ने नगर निगम की जल आपूर्ति व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में लाने और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका तय करने की बात कर रहा है।
बताया जा रहा है कि गत सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया था, जब दूषित पानी के सेवन से मोहल्ले के 100 से अधिक लोग अचानक बीमार पड़ गए। अगले ही दिन यानी मंगलवार को आठ लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद लगातार नए मरीज सामने आते रहे।
अब तक इस मामले में करीब 2800 मरीज चिन्हित किए जा चुके हैं। इनमें से 201 मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है, जबकि अन्य का उपचार प्राथमिक स्तर पर किया गया है।