हर गुज़रते दिन के साथ ऑनलाइन ठगी के मामले भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं और अब मैसेजिंग ऐप्स के जरिए होने वाली धोखाधड़ी सबसे बड़ी चिंता बनती जा रही है। सतर्कता बरतते हुए Meta Platforms ने अपने फेमस प्लेटफॉर्म WhatsApp और Facebook के लिए नए सुरक्षा फीचर शुरू किए हैं। इनका मकसद यूजर्स को समय रहते सतर्क करना है ताकि वे किसी भी तरह के ऑनलाइन स्कैम से बच सकें।
व्हाट्सऐप पर बढ़ती ठगी को रोकने की तैयारी
आज के समय में व्हाट्सऐप का इस्तेमाल करोड़ों लोग रोजाना करते हैं। ऐसे में यह साइबर ठगों के लिए भी आसान माध्यम बन गया है। अक्सर अनजान नंबरों से मैसेज भेजकर लोगों को किसी लिंक पर क्लिक करने, निजी जानकारी साझा करने या पैसे ट्रांसफर करने के लिए फंसाया जाता है। कई बार लोग यह समझ नहीं पाते कि सामने वाला मैसेज असली है या फर्जी। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए अब व्हाट्सऐप ऐसा अलर्ट सिस्टम ला रहा है, जो संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर यूजर को पहले ही चेतावनी देगा।

संदिग्ध डिवाइस कनेक्ट होने पर तुरंत मिलेगा अलर्ट
नए फीचर के तहत अगर कोई अनजान व्यक्ति आपके व्हाट्सऐप अकाउंट को किसी दूसरे डिवाइस से जोड़ने की कोशिश करेगा, तो तुरंत स्क्रीन पर नोटिफिकेशन दिखाई देगा। यूजर से पूछा जाएगा कि क्या वह इस डिवाइस को कनेक्ट होने देना चाहता है या नहीं। इस तरह यूजर खुद फैसला कर सकेगा अकाउंट में किसी और की दखल रोकने में मदद मिलेगी और यूजर अपने अकाउंट पर बेहतर नियंत्रण रख सकेगा।
फर्जी मैसेज की पहचान करेगा सिस्टम
इसके अलावा अब व्हाट्सऐप संदिग्ध मैसेज की पहचान करने की भी कोशिश करेगा। कई बार ठगी की शुरुआत ऐसे मैसेज से होती है जिनमें इनाम, नौकरी, बैंक अपडेट या जरूरी सूचना का लालच दिया जाता है। ऐसे संदेशों में अक्सर नकली लिंक शामिल होते हैं। अगर सिस्टम को कोई मैसेज संदिग्ध लगता है तो ऐप यूजर को अलर्ट देगा कि यह संभावित धोखाधड़ी हो सकती है।

फेसबुक पर भी सुरक्षा होगी मजबूत
सिर्फ व्हाट्सऐप ही नहीं, फेसबुक पर भी सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है। अगर किसी संदिग्ध अकाउंट से फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है, तो प्लेटफॉर्म यूजर को चेतावनी दे सकता है। यह देखा जाएगा कि रिक्वेस्ट भेजने वाले के कितने म्यूचुअल फ्रेंड हैं, किस लोकेशन से जुड़ा है, अकाउंट कितना पुराना है और उसकी गतिविधियां सामान्य हैं या नहीं।
प्राइवेसी के साथ सुरक्षा की नई कोशिश
हालांकि व्हाट्सऐप में मौजूद एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन यूजर्स की चैट को सुरक्षित रखता है, लेकिन इसी वजह से फर्जी गतिविधियों को पहचानना चुनौतीपूर्ण भी होता है। ऐसे में Meta के ये नए फीचर ऑनलाइन ठगी से बचाव की दिशा में एक अहम कदम माने जा रहे हैं।