मध्य कश्मीर के सुदूर और बर्फीले यूसमर्ग (कोराग) के जंगलों में मंगलवार देर रात से गूंज रही गोलियों की तड़तड़ाहट ने आखिरकार एक बड़े खौफ का अंत कर दिया है। भारतीय सुरक्षाबलों ने एक ऐसे दुर्दांत ‘शैतान‘ को ढेर कर दिया है, जिसकी दहशत पिछले कई महीनों से घाटी की वादियों में सुलग रही थी। सुरक्षाबलों के साथ हुई इस भीषण मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर और पहलगाम आतंकी हमले का मुख्य वांटेड आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा मारा गया है। बुधवार सुबह पालमेदान इलाके में तलाशी के दौरान उसका शव और भारी मात्रा में युद्ध जैसी सामग्री बरामद होने के बाद, सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली है। इस एनकाउंटर ने घाटी में फैले एक बड़े खतरे को फिलहाल टाल दिया है।
मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के यूसमर्ग (कोराग) इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की पुख्ता और खुफिया जानकारी मिलने के बाद, मंगलवार देर रात सुरक्षाबलों ने एक साझा ‘एंटी-टेरर ऑपरेशन’ शुरू किया था।
भारतीय सेना की राष्ट्रीय राइफल्स (RR), जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों ने इस संयुक्त अभियान को अंजाम दिया। जैसे ही सुरक्षाबलों ने संदिग्ध ठिकानों की घेराबंदी शुरू की, छिपे हुए आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई भीषण मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष कमांडर सुलेमान शाह उर्फ हाशिम मूसा ढेर हो गया।
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, मारा गया लश्कर कमांडर हाशिम मूसा कोई आम आतंकी नहीं था। वह पाकिस्तान का नागरिक था और कभी पाकिस्तान सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) का पैरा-कमांडो रह चुका था।
उसे पहाड़ी इलाकों में लड़ने, गुरिल्ला युद्ध और बेहद कठिन परिस्थितियों में असामान्य युद्ध रणनीतियों को अंजाम देने की विशेष ट्रेनिंग मिली हुई थी। उसकी इस खतरनाक सैन्य पृष्ठभूमि के कारण सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए थीं।
यूसमर्ग के जंगलों में ‘ऑपरेशन कोराग’ अभी भी पूरी तरह थमा नहीं है। सुरक्षाबलों को अंदेशा है कि इस इलाके में हाशिम मूसा के अलावा तीन और खूंखार आतंकी छिपे हो सकते हैं।
माना जा रहा है कि ये आतंकी घने जंगलों और दुर्गम भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर छिपने की कोशिश कर रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए भारतीय सेना और सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को चारों तरफ से सील कर दिया है और चप्पे-चप्पे पर सघन तलाशी अभियान (Search Operation) जारी रखा गया है।
यूसमर्ग के जंगलों में हाशिम मूसा का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए एक अहम कामयाबी है। हालांकि, इलाके में तीन और आतंकियों के छिपे होने की आशंका के चलते ऑपरेशन अभी जारी है। सुरक्षाबलों की प्राथमिकता पूरे क्षेत्र की तलाशी लेकर संभावित खतरे का पता लगाना है। अब सबकी नजरें इस अभियान के अगले अपडेट पर टिकी हैं।
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