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शेयर बाजार में क्यों मचा हाहाकार? Nifty 50 23,000 के नीचे, एक दिन में ₹5 लाख करोड़ साफ!

मुंबई:  शेयर बाजार इस समय उतार चढ़ाव बना हुआ है जिससे निवेशकों में अनिश्चितता और डर का माहौल बना हुआ है। आज बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों के बीच घबराहट का माहौल बन गया। Nifty 50 23,000 के अहम स्तर के नीचे फिसल गया, जबकि BSE Sensex में 1,000 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

सुबह के कारोबार में ही बाजार दबाव में आ गया था। निफ्टी करीब 1.3% से 1.5% तक टूटकर 22,950-23,000 के आसपास ट्रेड करता दिखा, वहीं सेंसेक्स 74,200-74,500 के रेंज में पहुंच गया। साफ था कि आज बाजार पर ग्लोबल टेंशन का सीधा असर पड़ा है।

क्यों टूटा बाजार?

इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव। मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ने से हॉर्मुज स्ट्रेट के जरिए तेल सप्लाई प्रभावित होने का डर है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिख रहा है, जो $100-105 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं।

साथ ही ग्लोबल मार्केट्स से भी अच्छे संकेत नहीं मिले। Wall Street में कमजोरी रही, जबकि एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी लाल निशान में बंद हुए।

एक और चिंता की बात रही रुपया, जो डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब पहुंच गया। इससे महंगाई बढ़ने का डर और गहरा गया है।

किन सेक्टरों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर?

आज के कारोबार में लगभग सभी सेक्टर दबाव में दिखे। PSU बैंक, रियल्टी, ऑटो और मेटल शेयरों में जमकर बिकवाली हुई। हालांकि IT सेक्टर ने थोड़ी मजबूती दिखाकर कुछ हद तक बाजार को सहारा देने की कोशिश की।

बता दें कि एक दिन पहले यानी 26 मार्च को निफ्टी 23,306 पर और सेंसेक्स 75,273 के करीब बंद हुआ था। लेकिन आज की गिरावट ने पिछले दो दिनों की रिकवरी को लगभग खत्म कर दिया।

एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं और निवेशकों को क्या करना चाहिए?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट का तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कुछ ब्रोकरेज हाउस ने भी कई शेयरों पर डाउनग्रेड जारी किया है, जिससे दबाव और बढ़ गया।

हालांकि सरकार की तरफ से पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला थोड़ी राहत दे सकता है, लेकिन फिलहाल इसका असर सीमित नजर आ रहा है।

निवेशकों के लिए सलाह यही है कि शॉर्ट टर्म में थोड़ा सतर्क रहें, क्योंकि 23,000 का स्तर निफ्टी के लिए काफी अहम माना जा रहा है। वहीं लंबी अवधि के निवेशक गिरावट को अच्छे शेयरों में खरीदारी के मौके के रूप में देख सकते हैं।

आज के कारोबार में निवेशकों की संपत्ति को बड़ा झटका लगा है—करीब ₹5 लाख करोड़ से ज्यादा का मार्केट कैपिटलाइजेशन साफ हो गया। अब नजर इस बात पर रहेगी कि बाजार बंद होते-होते कितनी रिकवरी कर पाता है या दबाव जारी रहता है।

news desk

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