नई दिल्ली: सितंबर का महीना घूमने के लिए अच्छा समय माना जाता है। बारिश के बाद कई शहरों और पर्यटन स्थलों की खूबसूरती और बढ़ जाती है, वहीं मौसम में गर्मी भी अपेक्षाकृत कम रहती है। अगर आप परिवार या दोस्तों के साथ इस दौरान छोटी और यादगार यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो देश की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता से जुड़े इन तीन शहरों को अपनी सूची में शामिल कर सकते हैं।
राजस्थान का उदयपुर अपनी झीलों, महलों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। सितंबर में यहां का मौसम घूमने के लिहाज से सुहावना हो सकता है। शहर की ऐतिहासिक इमारतों और झीलों के साथ यहां की स्थापत्य कला भी पर्यटकों को आकर्षित करती है।
उदयपुर में सिटी पैलेस, पिछोला झील, जग मंदिर, बागोर की हवेली, फतेह सागर झील, सहेलियों की बाड़ी, जगदीश मंदिर और सज्जनगढ़ पैलेस देखे जा सकते हैं। बारिश के बाद आसपास का वातावरण भी काफी खूबसूरत नजर आता है।
उदयपुर हवाई, रेल और सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। महाराणा प्रताप एयरपोर्ट शहर से करीब 20 से 22 किलोमीटर की दूरी पर है। दिल्ली, मुंबई, जयपुर और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों से यहां के लिए उड़ानें मिलती हैं।
रेल से यात्रा करने वाले उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन या राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन पहुंच सकते हैं। सड़क मार्ग से आने वालों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 8, 27, 48 और 76 प्रमुख रास्ते हैं।
उत्तर प्रदेश का वाराणसी भारत के सबसे प्राचीन शहरों में शामिल है। सितंबर में यहां गर्मी अपेक्षाकृत कम होने के कारण घूमना आसान हो सकता है। बारिश के बाद गंगा के घाटों का नजारा भी अलग दिखाई देता है।
वाराणसी की यात्रा के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर, दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, सारनाथ, रामनगर किला, बीएचयू, नमो घाट और शहर की पुरानी गलियों को देखा जा सकता है। यहां की संस्कृति को समझने के लिए सिर्फ प्रमुख पर्यटन स्थलों तक सीमित रहने के बजाय कुछ समय घाटों, बाजारों और गलियों में बिताना बेहतर अनुभव दे सकता है।
वाराणसी हवाई, रेल और सड़क मार्ग से देश के कई हिस्सों से जुड़ा हुआ है। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शहर से करीब 20 से 22 किलोमीटर दूर है और कई बड़े शहरों से यहां के लिए उड़ानें उपलब्ध हैं।
रेल से आने वाले यात्री वाराणसी जंक्शन, बनारस, वाराणसी सिटी या पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंच सकते हैं। सड़क मार्ग से भी वाराणसी की कनेक्टिविटी अच्छी है और यह लखनऊ, प्रयागराज, पटना और दिल्ली जैसे शहरों से जुड़ा हुआ है।
कश्मीर की प्राकृतिक खूबसूरती का अनुभव करना चाहते हैं तो श्रीनगर सितंबर में घूमने के लिए एक विकल्प हो सकता है। डल झील में शिकारा की सवारी और आसपास के शांत वातावरण के बीच समय बिताना यात्रा को खास बना सकता है।
श्रीनगर में डल झील के अलावा मुगल गार्डन, शंकराचार्य मंदिर, परी महल और हजरतबल दरगाह जैसे प्रमुख स्थान देखे जा सकते हैं। प्रकृति के बीच कुछ समय शांति से बिताने और शहर की खूबसूरती को करीब से देखने के लिए यह जगह पसंद आ सकती है।
श्रीनगर हवाई और सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों से श्रीनगर के लिए उड़ानें उपलब्ध हैं। रेल से यात्रा करने वालों के लिए जम्मू तवी और उधमपुर प्रमुख विकल्प हैं, जहां से आगे सड़क मार्ग के जरिए श्रीनगर पहुंचा जा सकता है।
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