रॉबर्ट कियोसाकी वित्तीय संकट चेतावनी
वित्तीय शिक्षा और निवेश के क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञ रॉबर्ट कियोसाकी, जिन्हें दुनिया ‘रिच डैड पुअर डैड’ किताब के लेखक के रूप में जानती है, ने हाल ही में 2025 में एक बड़े वित्तीय क्रैश की चेतावनी दी है. कियोसाकी का कहना है कि यह संकट विश्व इतिहास का सबसे बड़ा क्रैश हो सकता है और इसके असर से लाखों लोग प्रभावित होंगे.
कियोसाकी की चेतावनी उनके किताब ‘रिच डैड्स प्रोफेसी’ में की गई भविष्यवाणी पर आधारित है, जिसमें उन्होंने बेबी बूमर्स (1946-1964 में जन्मे लोग) के रिटायरमेंट के कारण बाजार में संभावित हलचल का जिक्र किया था.
कियोसाकी की हालिया चेतावनियां
11 अक्टूबर 2025 को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कियोसाकी ने कहा:
“मैंने अपनी किताब रिच डैड्स प्रोफेसी में विश्व इतिहास के सबसे बड़े क्रैश की भविष्यवाणी की थी. वह क्रैश इस साल होगा. बेबी बूमर्स के रिटायरमेंट से कई लोग बेघर हो जाएंगे या अपने बच्चों के बेसमेंट में रहने को मजबूर होंगे.”
कियोसाकी ने निवेशकों को चेतावनी दी कि नकद और प्रिंटेड एसेट्स में निवेश जोखिम भरा है, और इसके बजाय सोना, चांदी, बिटकॉइन और एथेरियम जैसे रियल एसेट्स में निवेश करने की सलाह दी.
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्टॉक, बॉन्ड और रियल एस्टेट मार्केट में गिरावट आएगी, और कई बूमर्स अपने 401k (रिटायरमेंट प्लान) में निवेशित पैसे खो सकते हैं. साथ ही उन्होंने फाइनेंशियल प्लानर्स द्वारा बॉन्ड्स को सुरक्षित बताना भी भ्रमपूर्ण करार दिया.
क्रैश के संभावित कारण
कियोसाकी के अनुसार, मुख्य कारण हैं:
• इंफ्लेशन और फेक मनी: नकद की कीमत कम होती जा रही है और फेडरल रिजर्व द्वारा प्रिंट किए गए डॉलर समस्या बढ़ा रहे हैं.
• डेब्ट और सरकारी नीतियां: अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा डेब्टर नेशन है, और मूडीज़ द्वारा यूएस डेब्ट डाउनग्रेड करना रिसेशन का संकेत है.
• मार्केट इंडिकेटर्स: कमर्शियल रियल एस्टेट का गिरना, बॉन्ड्स में कमजोरी और एशियाई देशों द्वारा सोना खरीदना.
• ‘द फोर्थ टर्निंग’ साइकल: हर 80 साल में आने वाले आर्थिक संकट, जैसे अमेरिकन रेवोल्यूशन, सिविल वॉर और ग्रेट डिप्रेशन.
कियोसाकी की निवेश सलाह
रॉबर्ट कियोसाकी की चेतावनी गंभीर है, लेकिन इसे एक अवसर के रूप में भी देखा जा सकता है. उनका मानना है कि जो निवेशक तैयार होंगे, वही क्रैश में लाभ उठा सकेंगे.
कियोसाकी कहते हैं: “क्रैश में अमीर बनने का मौका है अगर आप वित्तीय शिक्षा बढ़ाएं, रिसर्च करें और स्मार्ट निवेश करें.” हालांकि, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी रिसर्च स्वयं करें और प्रोफेशनल फाइनेंशियल एडवाइस अवश्य लें.
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