Trending News

Reality Check: क्या सच में सूरज देवता हर साल ज्यादा आग बरसा रहे हैं, या ‘एसी’ (AC) कल्चर ने छीन ली हमारी सहनशक्ति?

Climate Change vs Lifestyle Analytics: हर साल जैसे ही मई का महीना आता है, देश के तमाम शहरों में एक ही सवाल गूंजने लगता है- “क्या इस बार गर्मी ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं?” दोपहर की चिलचिलाती धूप और रात को घंटों बिजली गुल होने से मची त्राहिमाम के बीच हर व्यक्ति को यही लगता है कि गर्मी साल दर साल बदतर होती जा रही है।

लेकिन क्या यह पूरा सच है? मौसम विभाग (IMD) के आंकड़े और हमारी बदलती जीवनशैली कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। आइए समझते हैं कि वास्तविक तौर पर तापमान बढ़ा है या हमारी बर्दाश्त करने की क्षमता घट गई है।

क्या कहते हैं आंकड़े? 1989 की दिल्ली का वो चौंकाने वाला सच

यदि हम मौसम विभाग के ऐतिहासिक आंकड़ों को खंगालें, तो मई से जुलाई के बीच दर्ज होने वाला अधिकतम तापमान अमूमन एक निश्चित दायरे के आस-पास ही घूमता नजर आता है:

  • 37 साल पुराना रिकॉर्ड: बहुत कम लोगों को याद होगा कि 4 जून 1989 को देश की राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो आज के मुकाबले कहीं ज्यादा था।
  • 2012 बनाम 2026: बीते सोमवार को दिल्ली का तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठीक इतना ही (43.5°C) तापमान आज से 14 साल पहले यानी साल 2012 में भी दर्ज किया गया था।
  • नौतपा का अनुमान: आईएमडी (IMD) के मुताबिक, नौतपा के इस दौर में दिल्ली-एनसीआर का तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जो इस मौसम के लिए सामान्य रहा है।

तो फिर सवाल उठता है कि जब तापमान पहले जैसा ही है, तो आज हमारी बेचैनी और चिड़चिड़ाहट इतनी क्यों बढ़ गई है?

घर, कार, मेट्रो से दफ्तर तक: ‘आर्टिफिशियल कूलिंग’ का चक्रव्यूह

एक दौर था जब दिल्ली और उत्तर भारत के बड़े शहरों में लोग डीटीसी बसों में पसीने से तरबतर सफर करते थे और घरों में केवल कूलर की हवा के भरोसे पूरी गर्मी काट लेते थे। लेकिन आज परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है:

  • लग्जरी अब जरूरत: सघन होती कॉलोनियों और कामकाजी दबाव के बीच एयर कंडीशनर (AC) अब विलासिता नहीं बल्कि जरूरत बन चुका है। उत्पादकता (Productivity) बढ़ाने के चक्कर में इंसान मशीन की तरह चौबीसों घंटे ‘कूल माहौल’ का आदी हो चुका है।
  • थर्मल शॉक (Thermal Shock): घर से निकले तो एसी, कार में बैठे तो एसी, मेट्रो में गए तो एसी और दफ्तर पहुंचे तो केंद्रीयकृत एसी। इस लगातार कृत्रिम ठंडक में रहने के कारण जैसे ही हमारा शरीर कुछ मिनटों के लिए भी बाहर की स्वाभाविक धूप या गर्म हवा (लू) के संपर्क में आता है, वह उसे बर्दाश्त नहीं कर पाता और त्वचा जलने लगती है।


घटती इम्युनिटी और पर्यावरण को डबल नुकसान

प्राकृतिक धूप और हवा हमारे शरीर के ‘इम्युनिटी सिस्टम’ (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को बनाए रखने का काम करते हैं। इसके विपरीत, चौबीसों घंटे एसी के भरोसे रहने की हमारी नई आदत का असर हमारे स्वास्थ्य पर दिखने लगा है:

डॉक्टरों और विशेषज्ञों के अनुसार: एयर कंडीशनर की अत्यधिक आदत से हमारी त्वचा में रूखापन, हड्डियों और मांसपेशियों में जकड़न और बालों की गुणवत्ता प्रभावित होती है। सबसे बड़ी बात, यह कृत्रिम कूलिंग बाहर के पर्यावरण को और ज्यादा गर्म करती है। पर्यावरण का यह नुकसान अंततः मानव जीवन को ही संकट में डाल रहा है।

त्राहिमाम के बीच प्रकृति का इंतजार

तापमान भले ही आंकड़ों में पुराना हो, लेकिन कंक्रीट के जंगलों और एसी लाइफस्टाइल ने हमारी आंतरिक सहनशीलता को न्यूनतम स्तर पर ला खड़ा किया है। यही वजह है कि 43 डिग्री का तापमान भी अब बर्दाश्त से बाहर लग रहा है। आसमान में न काले बादल हैं, न ठंडी हवा और न बारिश; ऐसे में लोग कितना भी कृत्रिम एसी चला लें, लेकिन जब तक कुदरत की ठंडी फुहारें नहीं बरसतीं, राहत अधूरी ही रहेगी।

news desk

Recent Posts

कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन पर विवाद, कपड़ों की आलोचना पर एक्ट्रेस ने दिया करारा जवाब; कंगना रनौत ने भी साधा निशाना

रक्षाबंधन से पहले अभिनेत्री कृति सेनन का एक ज्वेलरी विज्ञापन सोशल मीडिया पर चर्चा का…

3 minutes ago

3 फर्जी Loan Apps पर सरकार का शिकंजा! आधार से लेकर फोटो-गैलरी तक चुरा रहे थे डेटा, Google ने 3 घंटे में किया Play Store से बाहर

नई दिल्ली: फर्जी और अवैध लोन ऐप्स के खिलाफ सरकार ने एक और बड़ी कार्रवाई…

12 minutes ago

याददाश्त गई तो सामने आया नकली बॉयफ्रेंड! K-Drama में रोमांस के साथ सस्पेंस और जबरदस्त ट्विस्ट

मुंबई: कोरियन ड्रामा का क्रेज दुनियाभर में लगातार बढ़ रहा है। अगर आपको रोमांस के…

16 minutes ago

गणेश शोभायात्रा पर अंडे फेंकने वाला दानिश 36 घंटे में गिरफ्तार, पुलिस के सामने कबूला जुर्म; सामने आई पूरी वजह

मुंबई: माझगांव इलाके में गणेश आगमन शोभायात्रा के दौरान अंडे फेंकने के मामले में भायखला…

18 minutes ago

खट से स्कैन, फट से पेमेंट! 10 साल का हुआ UPI, जानिए कैसे चंद सेकेंड में बैंक से बैंक पहुंचता है पैसा

नई दिल्ली: मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन किया, यूपीआई पिन डाला और कुछ ही सेकेंड…

20 minutes ago

धोनी और CSK के रिश्तों में दरार? हिस्सेदारी को लेकर सामने आया बड़ा दावा, जानें क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली। महेंद्र सिंह धोनी और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का रिश्ता आईपीएल के सबसे…

36 minutes ago