मुंबई, 15 अप्रैल 2026 — बॉलीवुड के सुनहरे दौर की एक भावुक कहानी फिर चर्चा में है। वेटरन अभिनेता प्रेम चोपड़ा ने हाल ही में खुलासा किया कि जब 1970 के दशक के आखिर में अमिताभ बच्चन का स्टारडम तेजी से ऊपर जा रहा था और राजेश खन्ना की फिल्में लगातार फ्लॉप होने लगी थीं, तब हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार इस बदलाव को आसानी से स्वीकार नहीं कर पाए। प्रेम चोपड़ा के मुताबिक, इसी दौर में राजेश खन्ना ने भारी शराब पीना शुरू कर दिया था। उनका कहना है कि स्टारडम का यह पावर शिफ्ट खन्ना के लिए भावनात्मक रूप से बेहद मुश्किल था।
अमिताभ के उभार के साथ बदला बॉलीवुड का दौर
प्रेम चोपड़ा ने बताया कि राजेश खन्ना पहले भी कभी-कभी ड्रिंक करते थे, लेकिन लगातार फ्लॉप फिल्मों और बदलते वक्त ने उन पर गहरा असर डाला। उन्होंने कहा कि असफलता को पचाना उनके लिए बहुत मुश्किल हो गया था। 1960-70 के दशक में आराधना, आनंद, अमर प्रेम और कटी पतंग जैसी फिल्मों से राजेश खन्ना ने जो स्टारडम हासिल किया था, वह अभूतपूर्व था। लेकिन फिर अमिताभ बच्चन “एंग्री यंग मैन” इमेज के साथ उभरे और दर्शकों का टेस्ट तेजी से बदल गया।
प्रेम चोपड़ा के मुताबिक, जहां अमिताभ ने समय के साथ खुद को बदल लिया और अलग-अलग तरह के रोल स्वीकार किए, वहीं राजेश खन्ना अपनी पुरानी इमेज से बाहर नहीं निकल पाए। यही वजह रही कि उनका करियर धीरे-धीरे नीचे जाने लगा।
फ्लॉप दौर, शराब और बॉलीवुड की सबसे बड़ी स्टार राइवलरी
प्रेम चोपड़ा का यह बयान उस दौर की याद दिलाता है जब बॉलीवुड में “राजेश खन्ना vs अमिताभ बच्चन” सबसे बड़ी चर्चा हुआ करती थी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि लगातार असफलताओं ने राजेश खन्ना को अंदर से तोड़ दिया था। खुद राजेश खन्ना भी पुराने इंटरव्यू में मान चुके थे कि वे “सुपरमैन नहीं थे” और लगातार नाकामी के बाद शराब की तरफ उनका झुकाव बढ़ गया था।
यह खुलासा सिर्फ दो सितारों की कहानी नहीं, बल्कि बॉलीवुड के उस दौर का आईना है जब एक सुपरस्टार का पतन और दूसरे का उदय पूरे इंडस्ट्री का चेहरा बदल रहा था। आज भी फैंस के बीच यह बहस जिंदा है कि क्या राजेश खन्ना अगर वक्त के साथ खुद को बदल लेते, तो उनकी सुपरस्टारडम की कहानी और लंबी होती? यही वजह है कि प्रेम चोपड़ा का यह बयान सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा बटोर रहा है।