जयपुर: राजस्थान यूनिवर्सिटी के कैंपस में विजयदशमी के मौके पर आयोजित RSS कार्यक्रम के विरोध में NSUI के प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ को गिरफ्तार कर लिया गया. दरसल जाखड़ और उनके समर्थकों ने कार्यक्रम स्थल पर विरोध जताते हुए बैनर और पोस्टर फाड़ दिए. इस दौरान NSUI और ABVP के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर भिड़ंत भी हुई. सूत्रों के मुताबिक, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मामले में पुलिस को बुलाया और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करते हुए जाखड़ को हिरासत में ले लिया. वहीं, यह घटना राजनीतिक मोर्चे पर भी गरमाई हुई है. विपक्षी दलों ने इसे शिक्षा संस्थानों में राजनीतिक दबाव और एकतरफा एजेंडा थोपने की कोशिश बताया है.
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने की जाखड़ की रिहाई की मांग
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी छात्र का अपनी आवाज़ उठाने का अधिकार लोकतंत्र में सुरक्षित है. उन्होंने कहा, “राजस्थान विश्वविद्यालय में RSS के कार्यक्रम के खिलाफ आवाज उठाने पर NSUI के प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ की गिरफ्तारी की मैं कड़ी निंदा करता हूं. आज जिस प्रकार से राजनीतिक दबाव में शिक्षा संस्थानों में किसी संगठन का एजेंडा बढ़ावा दिया गया, उससे यह साफ़ जाहिर होता है कि सरकार अपनी एकतरफा मनमानी पर उतारू है. सचिन पायलट ने कहा की विनोद जाखड़ को अति शीघ्र रिहा किया जाना चाहिए.
भाजपा सरकार पर राजनीतिक एजेंडा थोपने का आरोप
कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने इस घटना को भाजपा सरकार द्वारा शिक्षा और युवा संगठनों में राजनीतिक दबाव डालने की नाकाम कोशिश करार दिया है. इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. छात्र संगठन और राजनीतिक पार्टियों के नेता अब विनोद जाखड़ की रिहाई और विश्वविद्यालय में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की मांग पर जोर दे रहे हैं. राजस्थान की राजनीति में यह मामला फिर से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव का नया केंद्र बन गया है, और आने वाले दिनों में इस पर और राजनीतिक हलचल की उम्मीद की जा रही है.विपक्ष ने यह भी मांग की है कि विश्वविद्यालय और राज्य प्रशासन छात्र संगठनों के बीच विवाद को लेकर निष्पक्ष रवैया अपनाएं और किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप को रोकें.