नई दिल्ली/चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी के अंदर चल रही खींचतान अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। AAP हरियाणा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने एक वीडियो जारी कर सांसद राघव चड्ढा को लेकर बेहद सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। जयहिंद का दावा है कि राघव को दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के पूर्व सरकारी आवास, जिसे विरोधी ‘शीशमहल’ कहते हैं, में बुलाकर “मुर्गा” बनाकर पीटा गया था। उनका कहना है कि इसी दौरान राघव की आंख में गंभीर चोट लगी, जिसके इलाज के लिए उन्हें इंग्लैंड जाना पड़ा। यह आरोप ऐसे वक्त सामने आया है जब राघव को हाल ही में राज्यसभा में AAP के उपनेता पद से हटाया गया, जिससे पार्टी की अंदरूनी खींचतान पहले से चर्चा में है।
शीशमहल में क्या हुआ ?
करीब दो मिनट के वीडियो में नवीन जयहिंद ने दावा किया कि यह पूरी घटना चार अन्य नेताओं की मौजूदगी में हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा को अपमानजनक तरीके से “मुर्गा” बनाकर पीटा गया और इसी दौरान उनकी आंख में चोट आई। जयहिंद ने राघव से सवाल किया कि वे इस पूरे मामले पर अब तक खुलकर क्यों नहीं बोले। आंख की चोट और इंग्लैंड में इलाज का दावा सामने आते ही मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। हालांकि अभी तक इन आरोपों की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सीक्रेट बंगला, वसूली का पैसा और इंग्लैंड कनेक्शन
जयहिंद ने अपने आरोपों को और गंभीर बनाते हुए कहा कि बाद में चंडीगढ़ के एक “सीक्रेट बंगले” में भी राघव चड्ढा के साथ मारपीट हुई। उनके मुताबिक पूरा विवाद पंजाब और दिल्ली से कथित वसूली के पैसों को लेकर है। दावा किया गया कि यह पैसा पहले सिंगापुर भेजा जाना था, लेकिन बाद में इंग्लैंड ले जाने को लेकर टकराव बढ़ गया। उन्होंने राघव को केजरीवाल का “मालदार और राजदार” बताते हुए कहा कि अब उन्हें पूरे सच से पर्दा उठाना चाहिए। इस दावे ने AAP के भीतर अंदरूनी कलह की अटकलों को और तेज कर दिया है।
AAP की चुप्पी से बढ़ी सस्पेंस, क्या और खुलासे होंगे?
फिलहाल आम आदमी पार्टी या राघव चड्ढा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। न पुलिस शिकायत की खबर है और न किसी जांच एजेंसी की एंट्री। यही वजह है कि यह मामला अब पूरी तरह सियासी बयानबाजी और अंदरूनी शक्ति संघर्ष के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन जिस तरह पूर्व नेता खुलकर ऐसे विस्फोटक आरोप लगा रहे हैं, उसने पार्टी के भीतर बढ़ती बेचैनी को साफ कर दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि राघव चड्ढा या AAP नेतृत्व इस पर क्या जवाब देता है।