उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में दलित युवक हरिओम की हत्या के मामले में पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है. ऊंचाहार थाना क्षेत्र में हुए इस जघन्य कांड में पुलिस ने देर रात चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. अब तक कुल नौ लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जबकि 15 अन्य संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है. सभी पर गैंगस्टर एक्ट और रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई होगी.
पुलिस अधीक्षक ने कहा- ‘किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा’
पुलिस अधीक्षक ने मीडिया से बात करते हुए जानकारी दी कि पहले पांच आरोपियों को जेल भेजा चुका था. इसके बाद मंगलवार की देर रात पुलिस ने मुख्य आरोपी सुख सागर अग्रहरि, शिवम, उनके रिश्तेदार और लल्ली पासी को धर दबोचा. लल्ली पासी के साथ रहने वाले एक अन्य शख्स को भी पकड़ा गया है और उससे पूछताछ जारी है.

एसपी का कहना है कि फरार चल रहे अन्य अभियुक्तों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल लोगों पर गैंगस्टर एक्ट और NSA लगाया जाएगा ताकि सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके.
कैसे हुई थी वारदात ?
दरअसल फतेहपुर जिले के तारावती गांव निवासी 38 वर्षीय हरिओम बीते बुधवार 2 अक्टूबर की रात अपनी ससुराल जाने के लिए पैदल निकले थे. रास्ते में गदागंज थाना क्षेत्र के एक ढाबे के पास ग्रामीणों ने उन्हें संदिग्ध मान लिया और चोर समझकर बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला. भीड़ की पिटाई से दलित युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी.