नई दिल्ली। देशभर में आगामी जनगणना को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि Census 2027 इस बार पूरी तरह डिजिटल और पहले से ज्यादा व्यापक होने जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस जनगणना में नागरिकों से जीवनशैली, आर्थिक स्थिति और सामाजिक ढांचे से जुड़े विस्तृत सवाल पूछे जाएंगे।
पूरी तरह गोपनीय रहेगा डेटा, RTI से भी नहीं मिलेगी जानकारी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान जुटाए गए सभी व्यक्तिगत आंकड़े पूरी तरह गोपनीय रहेंगे। यह डेटा सूचना का अधिकार (RTI) के तहत साझा नहीं किया जाएगा। अदालत में सबूत के रूप में इस्तेमाल नहीं होगा। किसी अन्य संस्था को भी उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। इसका मतलब है कि नागरिकों की निजी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
दो चरणों में होगी जनगणना, पहली बार मिलेगा सेल्फ एन्यूमरेशन का विकल्प
जनगणना 2027 को दो चरणों में पूरा किया जाएगा:
पहला चरण: मकानों और उनकी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी
घर की संरचना, उपयोग और स्थिति
दूसरा चरण: परिवार के सदस्यों की सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत जानकारी
इस बार पहली बार Self Enumeration (स्वगणना) की सुविधा दी गई है, जिसमें नागरिक 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन अपनी जानकारी खुद भर सकेंगे। हालांकि, बाद में अधिकारी घर जाकर डेटा का सत्यापन भी करेंगे।
जाति जनगणना पर क्या है अपडेट?
जाति से जुड़ा सवाल दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, जब प्रश्नावली पूरी तरह तैयार हो जाएगी, तब इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
जनगणना में पूछे जाएंगे 33 अहम सवाल
सरकार ने पहले चरण के लिए कुल 33 सवाल तय किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
घर की दीवार, छत और फर्श की सामग्री
घर का उपयोग और स्थिति
परिवार के मुखिया का नाम और लिंग
सामाजिक वर्ग (SC/ST/अन्य)
परिवार के सदस्यों की संख्या
वैवाहिक स्थिति
सुविधाओं से जुड़े सवाल
- पीने के पानी का स्रोत
- बिजली की उपलब्धता
- शौचालय और उसकी स्थिति
- गंदे पानी की निकासी
- रसोई और गैस कनेक्शन
आर्थिक स्थिति का आकलन
- टीवी, इंटरनेट, मोबाइल, लैपटॉप
- साइकिल, बाइक, कार
- खाने में इस्तेमाल होने वाला मुख्य अनाज
- लिव-इन रिलेशनशिप को भी मिलेगा मान्यता
नई गाइडलाइन के मुताबिक, अगर कोई जोड़ा लिव-इन रिलेशनशिप में है और खुद को स्थायी संबंध में मानता है, तो उन्हें जनगणना में विवाहित जोड़े के रूप में दर्ज किया जाएगा।
16 भाषाओं में ऐप, C-DAC ने तैयार किया डिजिटल प्लेटफॉर्म
तकनीकी स्तर पर इस बार जनगणना को पूरी तरह आधुनिक बनाया गया है।
- C-DAC द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया
- 16 भाषाओं में मोबाइल ऐप उपलब्ध
- 19 भाषाओं में प्रशिक्षण मैनुअल
- कब से कब तक चलेगी जनगणना?
- शुरुआत: 1 अप्रैल 2026
- संदर्भ तिथि: 1 मार्च 2027
पहाड़ी और बर्फबारी वाले क्षेत्रों जैसे
- लद्दाख
- जम्मू-कश्मीर
- हिमाचल प्रदेश
- उत्तराखंड
इन इलाकों में जनगणना 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी।
11,000 करोड़ रुपये का बजट, केंद्र और राज्य मिलकर करेंगे काम
करीब 11,000 करोड़ रुपये के बजट वाली इस विशाल प्रक्रिया में केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और जिला प्रशासन मिलकर काम करेंगे। पूरी जनगणना गृह मंत्रालय की निगरानी में समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।
Census 2027 भारत की अब तक की सबसे आधुनिक और व्यापक जनगणना होगी। डिजिटल तकनीक, स्वगणना सुविधा और विस्तृत प्रश्नावली के जरिए यह प्रक्रिया देश की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर को और स्पष्ट रूप से सामने लाएगी—वह भी पूरी गोपनीयता के साथ।