नई दिल्ली: देश में ऊर्जा कीमतों को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राजधानी नई दिल्ली में प्रीमियम पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से जहां हाई-एंड वाहन इस्तेमाल करने वालों की जेब पर असर पड़ेगा, वहीं कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर महंगा होने से व्यापारिक गतिविधियों की लागत भी बढ़ने की आशंका है।
तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने अपने हाई-परफॉर्मेंस फ्यूल XP100 और Xtra Green की कीमतों में इजाफा किया है। XP100, जिसे खासतौर पर लग्जरी कारों और सुपरबाइक्स के लिए तैयार किया गया है, अब पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। इसी तरह प्रीमियम डीजल वेरिएंट Xtra Green की कीमतों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
कमर्शियल सेक्टर पर दबाव बढ़ा
घरेलू रसोई गैस के दाम स्थिर रखे जाने से आम उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत जरूर मिली है, लेकिन छोटे और बड़े व्यापारियों के लिए झटका लगा है। 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर और 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर आगे चलकर ग्राहकों की जेब पर भी पड़ सकता है।
एविएशन सेक्टर भी अछूता नहीं
हवाई यात्रा भी आने वाले समय में महंगी हो सकती है। जेट फ्यूल यानी ATF की कीमतों में इजाफा होने से एयरलाइंस कंपनियों की ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ेगी। चारों प्रमुख महानगरों में इसकी कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे टिकट दरों पर दबाव बनना तय माना जा रहा है।
आखिर संकेत क्या हैं?
ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रीमियम ईंधन और कमर्शियल गैस की कीमतों में बढ़ोतरी यह इशारा देती है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की स्थिति और मांग-आपूर्ति का संतुलन अभी भी अस्थिर है। हालांकि सरकार ने घरेलू गैस के दाम स्थिर रखकर आम लोगों को राहत देने की कोशिश जरूर की है, लेकिन बाजार के अन्य हिस्सों में बढ़ती लागत धीरे-धीरे महंगाई को फिर से हवा दे सकती है।