चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर फिर सुर्खियों में हैं। उनकी पार्टी जन सुराज पार्टी ने हाल ही संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
याचिका में पार्टी ने चुनाव से पहले महिलाओं को सीधे 10,000 रुपये हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। साथ ही, प्रशांत किशोर नए सिरे से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट इस याचिका की सुनवाई के लिए तैयार है और जल्द ही इस पर फैसला होने की संभावना है।
सुप्रीम कोर्ट में बिहार चुनाव को लेकर नया मामला: प्रशांत किशोर की पार्टी ने दायर की याचिका
सुप्रीम कोर्ट में बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जन सुराज पार्टी ने याचिका दायर की है। पार्टी का आरोप है कि चुनाव के दौरान महिलाओं को सीधे 10,000 रुपये हस्तांतरित करना गलत था। याचिका में कहा गया है कि आचार संहिता लागू रहने के दौरान महिला मतदाताओं को इस राशि का सीधे भुगतान करना अवैध और संविधान के उल्लंघन के दायरे में आता है।
याचिका सुप्रीम कोर्ट की बेंच, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्य बागची, कल शुक्रवार को सुनवाई करेगी। पार्टी ने संविधान की धारा 14, 21, 112, 202 और 324 के तहत यह घोषणा करने की मांग की है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत नए लाभार्थियों को जोड़ना और मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू रहते हुए उन्हें भुगतान करना अवैध था।
साथ ही, याचिका में चुनाव आयोग को संविधान की धारा 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 के तहत कार्रवाई करने और बिहार में 25 से 35 लाख महिला वोटर्स को 10,000 रुपये सीधे ट्रांसफर करने के खिलाफ निर्देश देने की मांग की गई है। पार्टी ने यह भी कहा कि सेल्फ-हेल्प ग्रुप जीविका की 1.8 लाख महिला लाभार्थियों को पोलिंग बूथ पर तैनात करना दोनों चरणों की वोटिंग में अवैध और अनुचित था