पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार के चार दिन बाद प्रशांत किशोर आज पटना के पाटिलपुत्र गोलंबर स्थित जन सुराज कैंप में मीडिया के सामने आए. माहौल बिल्कुल गंभीर था. प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में ही PK ने कहा कि जन सुराज को सिर्फ 3.5% वोट मिले, लेकिन फिर भी इतनी बड़ी संख्या में पत्रकार आए—यह उनके मुताबिक “बड़ी बात” है. उन्होंने साफ माना कि पार्टी ने ईमानदारी से कोशिश की, लेकिन “सफलता नहीं मिली.”
PK ने हार की पूरी जिम्मेदारी अपने सिर ली. बोले— “व्यवस्था परिवर्तन तो छोड़िए, सत्ता परिवर्तन भी हम नहीं करा पाए… जो गलती हुई होगी, वो मेरी वजह से हुई.”
आगे उन्होंने कहा कि जन सुराज ने न जातीय कार्ड खेला, न धार्मिक ध्रुवीकरण. PK ने निशाना साधते हुए कहा कि “जो लोग” इन कार्डों के सहारे जीते हैं, उन्हें आज नहीं तो कल इसका जवाब देना पड़ेगा.
मौन व्रत का किया एलान!
PK ने एलान किया कि वो भीतहरवा आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखेंगे. इसे उन्होंने “प्रायश्चित” बताया. पार्टी के अन्य नेता भी चाहें तो अपने-अपने स्थान से उपवास कर सकते हैं. लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे बड़ा मैसेज ये था कि PK के तेवर अभी नरम नहीं पड़े हैं. उन्होंने साफ कहा— “मैं पीछे हटने वाला नहीं हूँ. मैं बिहार नहीं छोडूंगा.”
लेकिन उनके पुराने बयानों को याद करके कई लोगों के चेहरे पर हल्की मुस्कान भी आ गई—वही बयान, जिसमें PK ने कहा था कि “अगर JDU 25 से ज़्यादा सीटें जीत गई, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.” अब JDU की सीटें इस मैजिक नंबर को पार कर चुकी हैं… लेकिन PK तो साफ बोल रहे हैं—“मैं बिहार छोड़ने वाला नहीं हूं.”
प्रशांत किशोर अभी मैदान छोड़ने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं. उल्टा वो हार को “रीसेट बटन” की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं और कह रहे हैं कि बिहार को सुधारने की लड़ाई जारी रहेगी.